दिल्ली पुलिस की दबिश के बाद गांव में बवाल, मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ के बाद घर में घुसकर फायरिंग
- Advertisement -
दिल्ली पुलिस की दबिश के बाद गांव में बवाल, मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ के बाद घर में घुसकर फायरिंग
रिपोर्ट/आसिफ अली
- Advertisement -
बरेली। शाही थाना क्षेत्र के लमकन उर्फ चकरपुर गांव में दिल्ली पुलिस की दबिश के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के गांव से लौटने के कुछ देर बाद एक पक्ष के लोगों ने मेडिकल स्टोर पर हमला कर तोड़फोड़ और मारपीट की। दुकान से निकलकर घर पहुंचे युवकों का हमलावरों ने पीछा किया और कथित तौर पर घर में घुसकर परिवार के सदस्यों से मारपीट की। इसी दौरान फायरिंग भी की गई, हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। घटना में परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
फाजिल की तलाश में पहुंची थी दिल्ली पुलिस
लमकन उर्फ चकरपुर निवासी तसब्बुर पुत्र अमजद अली ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम गांव में फाजिल पुत्र बब्बू की तलाश में पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद टीम वापस लौट गई। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के जाते ही गांव में विवाद की स्थिति बन गई और शाम करीब चार बजे मामला मारपीट तक पहुंच गया।
मेडिकल स्टोर पर हमला और तोड़फोड़ का आरोप
तसब्बुर का आरोप है कि फाजिल, उवैश, मनसव, अहमद रफी उर्फ बब्बू, सईद, नफीस, नजमुल, उनैद, मुस्कान, सोना, तबस्सुम और नाजरा एक साथ उसके बेटे मुकीम के मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। उस समय मुकीम के साथ मोनिश भी मौजूद था। आरोप है कि दोनों के साथ गाली-गलौज शुरू करने के बाद आरोपियों ने मारपीट कर दी। मेडिकल स्टोर में भी तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगाया गया है।
घर तक पीछा कर पहुंचे हमलावर
बताया गया कि विवाद बढ़ने पर मुकीम और मोनिश अपनी जान बचाकर वहां से निकलकर घर की ओर भागे। आरोप है कि हमलावर उनका पीछा करते हुए तसब्बुर के घर में घुस गए। घर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया।
तसब्बुर के मुताबिक, उसकी पत्नी नन्ही और बेटे मुकीम को जमीन पर गिराकर पीटा गया। लाठी-डंडों के अलावा लात-घूंसों से भी मारपीट की गई। परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए तसब्बुर आगे आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई।
फायरिंग से मची दहशत, परिवार बचा
मारपीट के दौरान मामला और गंभीर हो गया। तसब्बुर ने आरोप लगाया कि सईद और फाजिल ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। गोली किसी को नहीं लगी और परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। फायरिंग की घटना से गांव में दहशत फैल गई।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़, धमकी और हत्या के प्रयास समेत संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
कनूनगला के पास पुलिस ने सईद को पकड़ा
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, रविवार को मुखबिर की सूचना पर कनूनगला के पास घेराबंदी कर सईद पुत्र मोहम्मद शफी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है। इसके बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की संबंधित धारा भी बढ़ाई गई।
तीन महिलाएं भी गिरफ्तार
सईद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दी। पुलिस ने सोना पत्नी सईद, तबस्सुम पत्नी नफीस और नाजरा पत्नी अहमद रफी उर्फ बब्बू को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि तीनों के पास से एक-एक बांस का डंडा बरामद किया गया है।
छह महीने से तमंचा रखने का दावा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सईद ने बताया कि करीब छह महीने पहले उसे यह तमंचा रास्ते में एक व्यक्ति से मिला था और तभी से वह उसे अपने पास रखे हुए था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार उसे कहां से मिला और इसका इस्तेमाल घटना में किस तरह किया गया।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फाजिल समेत अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस दिल्ली पुलिस की दबिश और उसके बाद हुए विवाद के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।