यूपी बोर्ड का वरिष्ठ सहायक रंगे हाथ गिरफ्तार मार्कशीट में मां का नाम सही कराने के लिए मांगी 10 हजार की रिश्वत,

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यूपी बोर्ड का वरिष्ठ सहायक रंगे हाथ गिरफ्तार
मार्कशीट में मां का नाम सही कराने के लिए मांगी 10 हजार की रिश्वत,

रिपोर्ट/आसिफ अली

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बरेली। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। इंटरमीडिएट की मार्कशीट में मां के नाम की त्रुटि ठीक कराने के एवज में छात्रा से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले वरिष्ठ सहायक नावेद को विजिलेंस टीम ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद की है। कार्रवाई के बाद बोर्ड कार्यालय में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

मार्कशीट में मां के नाम में हुई थी गलती

बताया गया कि छात्रा प्रिया की इंटरमीडिएट की मार्कशीट में उसकी मां का नाम ‘सुनीता’ के स्थान पर ‘उनीता’ दर्ज हो गया था। नाम में हुई इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए छात्रा ने यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन किया था। छात्रा को उम्मीद थी कि दस्तावेजों की जांच के बाद रिकॉर्ड में सुधार कर दिया जाएगा, लेकिन उसे इसके लिए कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।

सुधार के बदले 10 हजार रुपये मांगने का आरोप

छात्रा के अनुसार, लगातार कार्यालय जाने के बावजूद उसका काम नहीं हुआ। इसी दौरान यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक नावेद ने कथित तौर पर मार्कशीट में नाम सुधार कराने के बदले उससे 10 हजार रुपये की मांग की। छात्रा का आरोप है कि बिना रिश्वत दिए उसका काम करने में टालमटोल की जा रही थी।

रिश्वत की मांग से परेशान होकर छात्रा ने मामले की शिकायत विजिलेंस के एसपी अरविंद कुमार से की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने मामले की जांच की और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए कार्रवाई शुरू की।

विजिलेंस ने तैयार किया ट्रैप

शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत छात्रा को रिश्वत की रकम लेकर वरिष्ठ सहायक के पास भेजा गया। टीम ने पूरी कार्रवाई पर नजर रखी।

गुरुवार को जैसे ही छात्रा ने आरोपी वरिष्ठ सहायक को 10 हजार रुपये दिए, विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने कथित रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में भी खलबली मच गई।

बोर्ड कार्यालय में मचा हड़कंप

विजिलेंस की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में हड़कंप मच गया। टीम ने आरोपी वरिष्ठ सहायक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। मार्कशीट जैसी महत्वपूर्ण शैक्षिक दस्तावेजों में मामूली त्रुटि के सुधार के लिए भी रिश्वत मांगे जाने के आरोप ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्रा की शिकायत पर हुई कार्रवाई

पूरे मामले में खास बात यह रही कि छात्रा ने कथित रिश्वत की मांग के आगे झुकने के बजाय विजिलेंस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की और आरोपी को कथित तौर पर रिश्वत लेते मौके पर पकड़ लिया। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में केवल संबंधित कर्मचारी की भूमिका थी या कार्यालय के अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आती है।

विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अब मामले की विस्तृत जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।