दहेज में 10 लाख और स्कॉर्पियो की मांग का आरोप, थाना परिसर के बाहर तीन तलाक देने का भी दावा; पति समेत सात पर FIR
- Advertisement -
दहेज में 10 लाख और स्कॉर्पियो की मांग का आरोप, थाना परिसर के बाहर तीन तलाक देने का भी दावा; पति समेत सात पर FIR
रिपोर्ट/आसिफ अली
- Advertisement -
ब्लू मून मैरिज हॉल से जुड़े तस्लीम रजा के बेटे पर विवाहिता ने लगाए गंभीर आरोप, मारपीट और प्रताड़ना का भी दावा
बरेली। थाना किला क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, बदसलूकी और तीन तलाक दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाहिता की शिकायत पर थाना किला पुलिस ने पति समेत सात नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। शिकायत में 10 लाख रुपये नकद और स्कॉर्पियो गाड़ी की कथित मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
FIR में नामजद इमरान रजा खां पुत्र तस्लीम रजा खां का नाम ब्लू मून मैरिज हॉल के संदर्भ में सामने आता है। विवाहिता का आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी और मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार किया जाने लगा।
18 मई 2026 को हुआ था निकाह
शिकायतकर्ता आलिया पुत्री स्वर्गीय साजिद हुसैन, निवासी नूरी मस्जिद के पास विधौलिया, थाना सीबीगंज, बरेली के अनुसार उसका निकाह 18 मई 2026 को इमरान रजा खां पुत्र तस्लीम रजा खां, निवासी जागृति नगर, रामपुर रोड, थाना किला, बरेली के साथ हुआ था।
आरोप है कि निकाह के बाद ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज के तौर पर 10 लाख रुपये नकद और स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग की जाने लगी। विवाहिता का कहना है कि वह और उसका परिवार इस मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं थे। इसके बाद कथित तौर पर उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया।
दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ना का आरोप
विवाहिता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार परेशान किया गया। उसका कहना है कि कई बार उसके साथ मारपीट की गई और उसके साथ बदसलूकी भी की गई।
मामला बढ़ने के बाद विवाहिता ने 7 जून 2026 को थाना किला में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया।
थाने में बुलाने के बाद बाहर तीन तलाक देने का आरोप
विवाहिता की शिकायत में 22 जून 2026 की घटना को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। FIR के अनुसार, पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाना किला में बातचीत के लिए बुलाया गया था।
आरोप है कि बातचीत के दौरान थाना परिसर के बाहर विवाहिता के साथ गाली-गलौज की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी दौरान अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर एकराय होकर उसे तीन तलाक दिया गया।
विवाहिता ने पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुराने मुकदमे का भी FIR में जिक्र
वर्तमान मामले में शिकायतकर्ता ने अपने एक पुराने मुकदमे का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार, 1 दिसंबर 2025 को थाना प्रेमनगर, बरेली में मुकदमा अपराध संख्या 487/2025 दर्ज कराया गया था।
वर्तमान FIR में शिकायतकर्ता ने उस पुराने मुकदमे के संबंध में धारा 69, 351(3) BNS तथा POCSO Act की धारा 5L/6 का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुराने मामले से बचने के उद्देश्य से बाद में उसका इमरान रजा खां के साथ निकाह कराया गया था।
पुराने मुकदमे से संबंधित आरोप और परिस्थितियां भी अब पुलिस जांच के दायरे में आ सकती हैं।
पति समेत सात लोग नामजद
विवाहिता की शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में कुल सात लोगों को नामजद किया गया है। इनमें पति इमरान रजा खां के अलावा परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं।
नामजद आरोपियों में इमरान रजा खां पुत्र तस्लीम रजा खां, तस्लीम रजा खां पुत्र स्वर्गीय नवाब दूल्हा खां, रुबी पत्नी तस्लीम रजा खां, गुडिया पुत्री स्वर्गीय नवाब दूल्हा खां, सलीम उर्फ पप्पन रजा खां पुत्र स्वर्गीय नवाब दूल्हा खां, सानिया खान पुत्री तस्लीम रजा खां और जोहा पुत्री सलीम उर्फ पप्पन रजा खां के नाम शामिल हैं।
उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार करेंगे जांच
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार को सौंपी गई है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।
मामले में पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ घटना से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर सकती है।
विवाहिता ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि उसके साथ कथित तौर पर हुई मारपीट, दहेज की मांग और तीन तलाक से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाए तथा जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
FIR के आरोपों की जांच बाकी
यह मामला FIR में दर्ज शिकायत और विवाहिता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और तीन तलाक से संबंधित आरोपों की सत्यता अभी पुलिस विवेचना का विषय है। किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि विवाहिता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। POCSO एक्ट का उल्लेख भी वर्तमान FIR में शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए पूर्व मुकदमे के संदर्भ में किया गया है।