फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
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फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
47 हजार रुपये लेकर बनाया था फर्जी कार्ड, 13 आयुष्मान कार्ड और छह कूटरचित आधार बरामद
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बरेली/भोजीपुरा। आयुष्मान भारत योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कथित गिरोह का भोजीपुरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अपात्र लोगों के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाने और सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रकम वसूलने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, 13 कूटरचित आयुष्मान कार्ड, छह फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड की 22 पन्नों की कूटरचित छायाप्रतियां और 2700 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
बेटी का आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर लिए 47 हजार रुपये
पुलिस के अनुसार, देवरनिया जागीर निवासी हरप्रसाद की तहरीर पर भोजीपुरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 640/2026 दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी बेटी का आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर आरोपियों ने उनसे 47 हजार रुपये लिए। इसके बाद आधार और अन्य जरूरी दस्तावेजों में कथित तौर पर कूटरचना कर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किया गया।
जब पीड़ित को कार्ड के फर्जी होने की जानकारी हुई तो इलाज के दौरान परेशानी सामने आई। इसके बाद उसने आरोपियों से रकम वापस मांगी और पुलिस से शिकायत की।
जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क
मामले की जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि आरोपी अपात्र लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम लेते थे। इसके बाद आधार कार्ड और राशन कार्ड में कूटरचना कर उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किए जाते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे आपस में मिलकर लोगों से करीब 35 से 40 हजार रुपये तक लेते थे। दस्तावेज हासिल करने के बाद फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड तैयार कराने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता था।
राममूर्ति अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों की भूमिका की भी जांच
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बरेली के राममूर्ति अस्पताल, भोजीपुरा समेत अन्य अस्पतालों में कथित मिलीभगत से अपात्र लोगों का इलाज कराने और आयुष्मान योजना के तहत सरकारी धनराशि प्राप्त करने की बात बताई है।
पुलिस ने आरोपियों के बयानों के आधार पर अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों और मुरादाबाद निवासी एक व्यक्ति की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
ट्यूबवेल के पास से पांचों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त की सुबह सूचना मिली कि मुकदमे से जुड़े आरोपी अभयपुर से प्रहलादपुर जाने वाले रास्ते पर राममूर्ति अस्पताल के ब्वॉयज हॉस्टल के पीछे ट्यूबवेल के पास मौजूद हैं। बताया गया कि आरोपी फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए संपर्क में आए लोगों का इंतजार कर रहे थे।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और सुबह करीब 7:58 बजे पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आबिद पुत्र भूरे खां निवासी अभयपुर बैंकुठापुर, सलमान पुत्र शहादत खां निवासी अभयपुर बैंकुठापुर, अरमान पुत्र इस्लाम उल्ला निवासी फरीदापुर परतापुर, अफरोज पुत्र अफसर खां निवासी रमपुरा माफी और देशरत्न पुत्र चरन सिंह निवासी वसुधरन जागीर के रूप में की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी आबिद का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ थाना प्रेमनगर में चोरी, माल बरामदगी और धोखाधड़ी से संबंधित मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा भोजीपुरा थाने में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज बताया गया है।
संगठित गिरोह के रूप में काम करने का आरोप
पुलिस का कहना है कि जांच में आरोपियों के संगठित तरीके से काम करने के तथ्य सामने आए हैं। इसके आधार पर मुकदमे में धारा 111 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
बरामद सामान
- सात मोबाइल फोन
- 13 कूटरचित आयुष्मान कार्ड
- छह कूटरचित आधार कार्ड
- राशन कार्ड की 22 पन्नों की कूटरचित छायाप्रतियां
- 2700 रुपये नकद
इन धाराओं में हुई कार्रवाई
भोजीपुरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 640/2026 के तहत धारा 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2), 3(5) और 111 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। कथित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, अस्पतालों से संबंधित व्यक्तियों और दूसरे संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोगों के फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किए गए और सरकारी योजना के तहत कितनी धनराशि का कथित रूप से दुरुपयोग हुआ।
इनकी रही अहम भूमिका
गिरफ्तारी और कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंवर बहादुर सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार, उपनिरीक्षक विनय बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक तनवेश कुमार, उपनिरीक्षक पवन कुमार, हेड कांस्टेबल साबिर अली, हेड कांस्टेबल सुमित शर्मा, कांस्टेबल हरिओम सैनी, ऋषिकांत कुमार, दीपक कुमार और रवि कुमार शामिल रहे।
पुलिस की कार्रवाई से फर्जी आयुष्मान कार्ड के जरिए सरकारी स्वास्थ्य योजना का कथित गलत लाभ उठाने वाले नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। अब जांच का फोकस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अस्पतालों की संभावित भूमिका पर है।