108वें उर्स-ए-रज़वी की तैयारियों को लेकर पुलिस लाइन सभागार में उच्चस्तरीय बैठक, सुरक्षा से लेकर यातायात तक पर बनी रणनीति
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108वें उर्स-ए-रज़वी की तैयारियों को लेकर पुलिस लाइन सभागार में उच्चस्तरीय बैठक, सुरक्षा से लेकर यातायात तक पर बनी रणनीति
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। 108वें उर्स-ए-रज़वी की तैयारियों को लेकर सोमवार शाम पुलिस लाइन सभागार में प्रशासन और उर्स कमेटी के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बरेली मंडल के कमिश्नर और एडीजी बरेली ने की। बैठक में उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, लंगर, चादर जुलूस, परचम जुलूस सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में डीआईजी रेंज, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दरगाह आला हज़रत की ओर से हाजी जावेद खान, नासिर कुरैशी, औरंगजेब नूरी, परवेज़ नूरी, अजमल नूरी, नईम नूरी, हाजी शकील, शाद रज़ा तथा जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की ओर से डॉ. मेहंदी हसन, मौलाना इंतेज़ार कादरी और हाफिज़ इकराम ने भाग लिया।
बैठक के दौरान दरगाह प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि लगातार हो रही बारिश के कारण इस्लामिया मैदान में कई स्थानों पर पानी भर गया है और गड्ढे बन गए हैं। प्रतिनिधियों ने मैदान में रविश (ईंट/बजरी का रास्ता) डलवाने तथा जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने की मांग की, ताकि देश-विदेश से आने वाले जायरीन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन, लंगर व्यवस्था, चादर जुलूस, परचम जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सूचना पर तत्काल पुलिस को अवगत कराया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन हर वर्ष की अपेक्षा इस बार और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। उद्देश्य यह है कि उर्स-ए-रज़वी में देश-विदेश से आने वाले जायरीन को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।
उन्होंने कहा कि बरेली की गंगा-जमुनी तहज़ीब को कायम रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।