उर्स-ए-रज़वी 2026: 1500 रजाकार संभालेंगे व्यवस्था की कमान, जायरीन की सेवा के लिए 24 घंटे रहेंगे मुस्तैद
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उर्स-ए-रज़वी 2026: 1500 रजाकार संभालेंगे व्यवस्था की कमान, जायरीन की सेवा के लिए 24 घंटे रहेंगे मुस्तैद
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। उर्स-ए-रज़वी 2026 के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीन की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दरगाह आला हज़रत ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) के निर्देशन में 1500 रजाकारों की विशेष टीम गठित की गई है, जो उर्स के तीनों दिन 24 घंटे विभिन्न स्थानों पर सेवाएं देगी।
संपूर्ण व्यवस्था की कमान सय्यद आसिफ मियां को सौंपी गई है। उन्होंने सभी रजाकारों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं ताकि उर्स का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
तीन शिफ्टों में देंगे सेवाएं दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सभी रजाकारों की ड्यूटी 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में लगाई गई है। यह टीमें दरगाह परिसर, इस्लामिया मैदान, रेलवे जंक्शन, सेटेलाइट बस अड्डा, रोडवेज, कुतुबखाना चौराहा, चौपला चौराहा, किला, बिहारीपुर, नावेल्टी चौराहा, कुमार सिनेमा और अय्यूब खान चौराहा सहित प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेंगी। सभी स्वयंसेवकों को सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां द्वारा परिचय पत्र भी वितरित कर दिए गए हैं।
मंच संचालन और विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय उर्स के दौरान मंच की जिम्मेदारी मुफ्ती अकिल रज़वी, मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी, मुफ्ती सय्यद कफील हाशमी और मुफ्ती अय्यूब नूरी की निगरानी में रहेगी, जहां देश-विदेश से आए उलेमा अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन कारी यूसुफ रज़ा संभली करेंगे। वहीं उर्स प्रबंधन में राशिद अली खान, औरंगज़ेब नूरी, ताहिर अल्वी, परवेज़ नूरी, अजमल नूरी और शाहिद नूरी सहित कई लोग विभिन्न जिम्मेदारियां निभाएंगे।
प्रशासनिक व्यवस्था हाजी जावेद खान, मीडिया समन्वय नासिर कुरैशी, दरगाह परिसर और मज़ार शरीफ की व्यवस्था अब्दुल माजिद की टीम, नगर निगम समन्वय हाजी अब्बास नूरी, मंज़ूर रज़ा और नईम रज़ा, रज़ा फोर्स यूनुस गद्दी, लंगर व्यवस्था मुजाहिद रज़ा, पूछताछ कार्यालय अब्दुल वाजिद नूरी और इशरत नूरी, जबकि ऑनलाइन लाइव ऑडियो प्रसारण रोमान खान, सुहैल रज़ा और सऊद रज़ा संभालेंगे।
इसके अलावा संचार, विद्युत, पंडाल, ट्रैफिक, रेलवे और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी अलग-अलग जिम्मेदारियां विभिन्न स्वयंसेवकों को सौंपी गई हैं।
बिना डीजे निकला 108 फूलों की डलियों का जुलूस
उधर उर्स के अवसर पर दरगाह पर चादर पेश करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सज्जादानशीन की अपील का पालन करते हुए रहपुरा चौधरी से 108 फूलों की डलियों का जुलूस बिना डीजे के दरगाह पहुंचा। जुलूस का नेतृत्व समी रज़ा, अजमल रज़ा, हाजी नदीम, जाहिद रज़ा और इशरत नूरी ने किया। दरगाह पहुंचकर सभी ने देश और समाज की खुशहाली, अमन और तरक्की के लिए दुआ की।
आज लगेगा विशाल निशुल्क हेल्थ कैंप उर्स के सामाजिक कार्यक्रमों के तहत 2 अगस्त (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक हसीन मियां शादी हाल, ईदगाह गेट, हुसैन बाग में विशाल निशुल्क हेल्थ कैंप आयोजित किया जाएगा। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सरपरस्ती में आयोजित इस कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मुफ्त स्वास्थ्य परामर्श, दवाइयां, खून की जांच तथा निशुल्क ऑपरेशन के लिए पंजीकरण किया जाएगा।
यह हेल्थ कैंप मरकज-ए-अहले सुन्नत वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से आयोजित किया जा रहा है। ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहसिन हसन खान ने सभी धर्मों के लोगों से शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।
उर्स की तैयारियां अंतिम चरण में दरगाह प्रशासन का कहना है कि उर्स-ए-रज़वी के दौरान आने वाले प्रत्येक जायरीन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। स्वयंसेवकों की तैनाती, चिकित्सा सेवाएं, यातायात समन्वय, लंगर, पूछताछ केंद्र और ऑनलाइन प्रसारण जैसी व्यवस्थाओं के जरिए इस बार भी उर्स को सुव्यवस्थित और सफल बनाने की पूरी तैयारी की गई है।