मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने के बजाय कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए: हाजी मुहम्मद सईद नूरी
- Advertisement -
मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने के बजाय कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए: हाजी मुहम्मद सईद नूरी
रामपुर /आसिफ अली
- Advertisement -
रज़ा अकादमी मुंबई के संस्थापक एवं प्रमुख हाजी मुहम्मद सईद नूरी ने आज उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा किया। दौरे के दौरान स्थानीय लोगों एवं जिम्मेदार अधिकारियों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, रामपुर जिला प्रशासन तथा भारत सरकार से अपील की कि यदि यूनिवर्सिटी की कुछ इमारतें कानूनी मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं, तो उन्हें ध्वस्त करने के बजाय कानून के दायरे में लाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएँ।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान किसी भी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। पूरी दुनिया में सरकारें शिक्षा के प्रसार और नई यूनिवर्सिटियों की स्थापना पर विशेष ध्यान दे रही हैं। इसलिए भारत में भी शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि सरकार अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए संबंधित इमारतों को कानूनी मान्यता प्रदान कर दे, तो इससे न सरकार को कोई नुकसान होगा और न प्रशासन को, बल्कि हजारों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित होगा। सरकार का यह कदम निश्चित रूप से सराहनीय माना जाएगा।
हाजी मुहम्मद सईद नूरी ने कहा कि मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए। यदि शैक्षणिक भवनों को ध्वस्त किया गया तो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी, जो राष्ट्रीय हित के विरुद्ध होगा।
इस अवसर पर प्रोफेसर मुहम्मद अब्बास मिस्बाही (मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर, उत्तर प्रदेश) तथा मौलाना मुहम्मद अब्बास रिज़वी (मुबल्लिग, तहरीक-ए-दरूद-ओ-सलाम, मुंबई) ने भी सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि कुछ इमारतों के संबंध में कानूनी जटिलताएँ हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार दूर करके विधिवत कानूनी दर्जा दिया जाए, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा, उनके भविष्य और देश की शैक्षणिक गरिमा को कोई नुकसान न पहुँचे।
रज़ा अकादमी ने अपने संयुक्त बयान में आशा व्यक्त की कि सरकार इस मामले में सकारात्मक, दूरदर्शी और शिक्षा हित में निर्णय लेगी, जिससे देश में शिक्षा के प्रसार का संदेश और अधिक मजबूत होगा तथा युवा पीढ़ी बिना किसी बाधा के अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकेगी।
रज़ा अकादमी के प्रमुख हाजी मुहम्मद सईद नूरी दिल्ली से बरेली जाते समय रामपुर में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा करने पहुँचे थे। यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था और वहाँ लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी। मुख्य प्रवेश द्वार पर मीडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जो लोगों की प्रतिक्रियाएँ ले रहे थे। जब मीडिया और वहाँ मौजूद लोगों ने हाजी मुहम्मद सईद नूरी को देखा तो सभी उनके पास एकत्र हो गए। मीडिया ने रज़ा अकादमी के चेयरमैन हाजी मुहम्मद सईद नूरी का बयान लिया। अपने बयान में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और रामपुर जिला प्रशासन से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में देश के बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखा जाए। यदि शिक्षा और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की जाएगी, तो इससे पूरी दुनिया में भारत की एक सकारात्मक और शिक्षा-समर्थक छवि बनेगी।