जंतर-मंतर से लौट रहे छात्र से मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो से मचा बवाल
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जंतर-मंतर से लौट रहे छात्र से मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो से मचा बवाल
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। दिल्ली के जंतर-मंतर से प्रदर्शन में शामिल होकर लौट रहे बरेली के एक 16 वर्षीय छात्र के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है। घटना का वीडियो वायरल होने का दावा किया जा रहा है। पीड़ित छात्र और उसके परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा सुरक्षा की मांग की है।
फिलहाल पुलिस और आरोपी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, फरीदपुर तहसील के महादेव मोहल्ला निवासी आयुष रंजन ने बताया कि वह अपने दोस्त राहुल के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल होने गया था। छात्र का आरोप है कि 25 जुलाई की सुबह जब दोनों वापस लौट रहे थे, तभी जंतर-मंतर के पास उनकी मुलाकात भाजपा नेता सत्यम पंडित और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों से हुई।
पीड़ित के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर दोनों छात्रों से पूछताछ की गई और कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। छात्र का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसके दोस्त राहुल के साथ हाथापाई की गई और थप्पड़ भी मारा गया। दोनों छात्रों को कथित रूप से धमकियां दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
छात्र का कहना है कि घटना के दौरान आसपास पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन उन्हें तत्काल मदद नहीं मिल सकी। घटना के बाद आरोपी पक्ष वहां से चला गया। पीड़ित ने दावा किया है कि पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी जांच कर सच्चाई सामने लाई जा सकती है।
घटना के बाद से छात्र और उसका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। परिजनों ने प्रशासन से वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने, घटना में शामिल लोगों की पहचान कर मुकदमा दर्ज करने और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही छात्र और उसके दोस्त की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।
पीड़ित छात्र का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने गया था और लौटते समय उसके साथ कथित मारपीट व अभद्रता की गई। उसने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस या आरोपी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।