बरेली में धर्मांतरण के आरोप, हिन्दू रक्षा दल का हंगामा, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन, चर्च पदाधिकारियों पर फर्जी ट्रस्ट-विदेशी फंडिंग का आरोप, जांच की मांग
- Advertisement -
बरेली में धर्मांतरण के आरोप, हिन्दू रक्षा दल का हंगामा, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन, चर्च पदाधिकारियों पर फर्जी ट्रस्ट-विदेशी फंडिंग का आरोप, जांच की मांग
*रिपोर्ट/आसिफ अली *
- Advertisement -
हिन्दू रक्षा दल ने मैथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, फर्जी ट्रस्ट-विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण नेटवर्क का दावा, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की गुहार
बरेली,धर्मांतरण के आरोपों को लेकर मंगलवार को हिन्दू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने बरेली कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि मैथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर बरेली में धर्मांतरण का संगठित नेटवर्क चला रखा है।
फर्जी ट्रस्ट और विदेशी फंडिंग का आरोप
हिन्दू रक्षा दल के प्रमुख कार्यकर्ता शिवांश ठाकुर ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बरेली में मैथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया से जुड़े कुछ लोग एक अलग फर्जी ट्रस्ट के जरिए काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस ट्रस्ट को विदेशों से फंडिंग मिल रही है और इसी पैसे के सहारे बेरोजगार व आर्थिक रूप से कमजोर हिन्दू युवकों को निशाना बनाया जा रहा है।
शादी, नौकरी और विदेश भेजने का लालच देने का दावा
ज्ञापन में जगमोहन सिंह, राजीव मसीह, आनंद सैमसन, संजीव कुमार और बिषप सीजी दयानंद समेत कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। शिवांश ठाकुर ने आरोप लगाया कि ये लोग चर्च की खाली जमीन, शादी, नौकरी और विदेश भेजने का लालच देकर धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे हैं।
संगठन का कहना है कि पहले युवाओं को चर्च की प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता है। इसके बाद उन्हें धार्मिक साहित्य देकर ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए तैयार किया जाता है। मुफ्त इलाज, शादी और रोजगार का प्रलोभन देकर गरीब और बीमार लोगों को निशाना बनाए जाने का भी आरोप ज्ञापन में लगाया गया है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग हिन्दू रक्षा दल ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे।
*संपादकीय नोट*: यह खबर हिन्दू रक्षा दल द्वारा कलेक्ट्रेट में सौंपे गए ज्ञापन और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। लगाए गए सभी आरोप अभी आरोप ही हैं। मामले की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा है।