बरेली में CM योगी के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा सख्त: फरीदपुर के पूर्व विधायक श्याम बिहारी के बेटे ईशान को गेट पर रोका, देरी से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री
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बरेली में CM योगी के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा सख्त: फरीदपुर के पूर्व विधायक श्याम बिहारी के बेटे ईशान को गेट पर रोका, देरी से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री
*रिपोर्ट/आसिफ अली *
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*प्रोटोकॉल पर अडिग रही सुरक्षा: दिवंगत विधायक के बेटे को जीआईसी ऑडिटोरियम में प्रवेश नहीं, मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान आवागमन पर पूर्ण पाबंदी, फरीदपुर विधानसभा से पिता रहे विधायक*
बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 30 जून 2026 को जीआईसी ऑडिटोरियम में पंडित राधेश्याम की प्रतिमा के अनावरण और ऑडिटोरियम का नाम ‘पंडित राधेश्याम स्मृति भवन’ किए जाने के कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। फरीदपुर विधानसभा से दिवंगत विधायक रहे श्याम बिहारी के पुत्र ईशान जब कुछ देर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया।
गेट पर ही रोक दिए गए ईशान मुख्यमंत्री योगी उस समय सभागार के भीतर कार्यक्रम में मौजूद थे। इसी बीच दिवंगत विधायक श्याम बिहारी के पुत्र ईशान जीआईसी ऑडिटोरियम पहुंचे। सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने उन्हें अंदर प्रवेश देने से इनकार कर दिया। सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि कार्यक्रम शुरू हो चुका है और नियमों के अनुसार देरी से आने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। ईशान ने खुद का परिचय दिया और बताया कि उनके पिता फरीदपुर विधानसभा से विधायक रहे हैं, लेकिन सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें भीतर नहीं जाने दिया। कुछ देर तक गेट पर बातचीत होती रही, लेकिन अंत में उन्हें कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं मिल सका।
अंदर चल रहा था मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री के दौरे के चलते सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्यक्रम के दौरान आवागमन पर सख्ती बरती जा रही थी। मुख्यमंत्री ने पंडित राधेश्याम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और स्मार्ट सिटी परियोजना से बने जीआईसी ऑडिटोरियम का नाम बदलकर ‘पंडित राधेश्याम स्मृति भवन’ किए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री सर्किट हाउस रवाना हो गए, जहां उन्होंने विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।