नगर निगम की लापरवाही आई सामने: स्काईवॉक से बड़ा हादसा, अयूब खां चौराहे पर बीचों बीच ऊपर से गिरा युवक, हाथ टूटा हालत गंभीर, CM योगी के दौरे से पहले सुरक्षा पर सवाल
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नगर निगम की लापरवाही आई सामने: स्काईवॉक से बड़ा हादसा, अयूब खां चौराहे पर बीचों बीच ऊपर से गिरा युवक, हाथ टूटा हालत गंभीर, CM योगी के दौरे से पहले सुरक्षा पर सवाल
*रिपोर्ट/आसिफ अली
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“बंद रास्ता खुला कैसे”: अयूब खां चौराहा स्काईवॉक पर 30 साल का युवक गिरकर घायल, जिला अस्पताल में भर्ती, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, वीआईपी विजिट से एक दिन पहले नगर निगम की व्यवस्था पर उठे तीखे सवाल
बरेली: नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। अयूब खां चौराहे पर बने स्काईवॉक से सोमवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। बीचों बीच ऊपर से एक अज्ञात युवक नीचे गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक की उम्र करीब 30 वर्ष लगभग बताई जा रही है। गिरने से उसका एक हाथ टूट गया और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। घटना के बाद मौके पर खड़ी पुलिस ने घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत गंभीर बनी हुई है, हालांकि वह अत्यधिक नशे की हालत में था। फिलहाल युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
CM योगी के दौरे से एक दिन पहले बड़ा हादसा
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बरेली में वीवीआईपी कार्यक्रम प्रस्तावित है। पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, DIG अजय साहनी खुद सर्किट हाउस और कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। ऐसे में स्काईवॉक जैसी महत्वपूर्ण जगह पर सुरक्षा में चूक से प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी हो गया है।
रास्ता बंद होने के बावजूद युवक ऊपर कैसे पहुंचा
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्काईवॉक का रास्ता बंद होने के बावजूद युवक ऊपर तक कैसे पहुंचा। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि युवक दुर्घटनावश फिसला या उसने स्वयं कूदने जैसा कोई कदम उठाया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ-साथ मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है।
नगर निगम बरेली की व्यवस्था पर तीखे सवाल
स्थानीय लोगों ने नगर निगम बरेली की लापरवाही पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि अयूब खां चौराहा स्काईवॉक पहले से ही अव्यवस्थाओं और सुरक्षा खामियों के कारण चर्चा में रहा है। सीढ़ियों का रास्ता बंद करने का दावा तो किया जाता है, लेकिन हकीकत में रास्ता खुला रहता है।
लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर नगर निगम बरेली सीढ़ियों का रास्ता चढ़ने का रास्ता बंद क्यों नहीं करा रहा है। क्या नगर निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी स्काईवॉक की निगरानी नहीं हो पा रही तो आम दिनों की कल्पना की जा सकती है।
इस घटना के बाद एक बार फिर स्काईवॉक की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।