40 लाख की जमीन धोखाधड़ी का आरोप: आईवीआरआई कर्मचारी और परिवार पर मुकदमा, गला दबाकर हत्या की कोशिश का भी आरोप

0 21

- Advertisement -

40 लाख की जमीन धोखाधड़ी का आरोप: आईवीआरआई कर्मचारी और परिवार पर मुकदमा, गला दबाकर हत्या की कोशिश का भी आरोप

रिपोर्ट/आसिफ अली

- Advertisement -

कतर में तैनात एनआरआई इंजीनियर को बेची गई जमीन पहले ही किसी और को बेचने का आरोप, इज्जतनगर पुलिस ने पति-पत्नी, बेटे और बहू के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

बरेली। थाना इज्जतनगर क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। खुशबू इंक्लेव निवासी अहमद अजीज खां की शिकायत पर आईवीआरआई कर्मचारी शेर बहादुर, उसकी पत्नी खैरुननिशा, बेटे गुलाम साबिर और बहू अबरेशम खान के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी देने और मारपीट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कतर में इंजीनियर के रूप में कार्यरत उनके भाई अहमद अजीम खां से करीब 40 लाख रुपये लेकर ऐसा प्लॉट बेचा गया, जिसे कथित तौर पर पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेचा जा चुका था।

शिकायत के मुताबिक, प्लॉट पर आज तक उनके भाई को कब्जा नहीं मिल सका। आरोप यह भी है कि रकम वापस मांगने पर शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है।

2019 में 40 लाख रुपये में खरीदा था प्लॉट

अहमद अजीज खां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई अहमद अजीम खां कतर में इंजीनियर हैं। आरोप के अनुसार 16 अगस्त 2019 को ग्राम मुड़िया अहमदनगर स्थित गाटा संख्या 128 मि. में 168.44 वर्गमीटर के प्लॉट का सौदा खैरुननिशा के साथ हुआ था।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, प्लॉट की कीमत करीब 40 लाख रुपये तय हुई थी। रजिस्ट्री में भुगतान दर्शाने के लिए चार-चार लाख रुपये के चार चेक दिए गए थे। आरोप है कि शेर बहादुर ने इन चेकों को बैंक में जमा न करने और बाद में वापस करने की बात कही थी, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि सौदे की पूरी 40 लाख रुपये की रकम नकद ली गई।

जमीन पर पहुंचने के बाद सामने आया विवाद

शिकायतकर्ता के अनुसार जब उनके भाई द्वारा खरीदी गई जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश की गई तो मौके पर जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आया। आरोप लगाया गया कि गाटा संख्या 128 मि. में उपलब्ध भूमि से अधिक क्षेत्रफल के प्लॉटों के बैनामे किए जाने की बात सामने आई।

इसी दौरान कथित तौर पर यह जानकारी भी सामने आई कि अहमद अजीम खां को बेचा गया प्लॉट पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम बेचा जा चुका था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन को विवादमुक्त बताकर कथित कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बैनामा कराया गया और 40 लाख रुपये ले लिए गए।

अहमद अजीज का कहना है कि जमीन पर कब्जा मांगने पर आरोपियों की ओर से लगातार पैमाइश कराने और जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता रहा। चूंकि उनके भाई कतर में नौकरी करते हैं, इसलिए वह लंबे समय तक बरेली आकर मामले को खुद नहीं देख सके।

सात साल बाद मांगा हिसाब तो विवाद बढ़ा

शिकायत के मुताबिक, एक जून 2026 को अहमद अजीज ने शेर बहादुर और उसके बेटे गुलाम साबिर से मुलाकात की। उन्होंने खरीदी गई जमीन पर कब्जा दिलाने अथवा रकम वापस करने की मांग की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

इसके बाद 20 जून की रात करीब आठ बजे वह दोबारा शेर बहादुर के घर पहुंचे और जमीन अथवा रकम वापस करने की मांग की। आरोप है कि इस पर शेर बहादुर भड़क गया और परिवार समेत उन्हें गायब कराने की धमकी दी।

पिता-पुत्र पर गला दबाकर मारने की कोशिश का आरोप

अहमद अजीज के मुताबिक, विवाद के दौरान गुलाम साबिर ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद शेर बहादुर और उसके बेटे ने लात-घूंसों से पीटा तथा जान से मारने की नीयत से उनका गला दबाने का प्रयास किया।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि किसी तरह वह वहां से अपनी जान बचाकर निकले। उन्होंने घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बहू पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप

शिकायत में शेर बहादुर की बहू अबरेशम खान पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अहमद अजीज का आरोप है कि विवाद के दौरान अबरेशम खान बाहर आई और कपड़े फाड़कर छेड़छाड़ की झूठी एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस धमकी के बाद वह वहां से निकल गए। बाद में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

एसएसपी के आदेश के बाद जांच, फिर दर्ज हुआ मुकदमा

अहमद अजीज ने 21 जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद प्रकरण की जांच एएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई। जांच के बाद पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर शेर बहादुर, उसकी पत्नी खैरुननिशा, बेटे गुलाम साबिर और बहू अबरेशम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

पुलिस अब मामले में जमीन से जुड़े दस्तावेजों, बैनामों, भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपों की सत्यता की भी विवेचना की जाएगी।

पहले से भी मुकदमों का जिक्र, परिवार पर कार्रवाई की तलवार

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शेर बहादुर और उसके परिवार के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हत्या के प्रयास से जुड़े एक पुराने मामले में परिवार के सदस्यों के वांछित होने का भी दावा किया गया है। आरोप है कि कार्रवाई के डर से आरोपी अपने घर पर ताला लगाकर फरार हैं।

हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल नया मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की भूमिका, पुराने मामलों और जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।

गैंगस्टर और संपत्ति कार्रवाई की भी चर्चा

मामले में शिकायतकर्ता की ओर से आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई तथा उनकी संपत्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग भी की जा रही है। यदि जांच में संगठित तरीके से अपराध किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं और संबंधित कानूनी शर्तें पूरी होती हैं, तो पुलिस गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई कर सकती है।

फिलहाल इज्जतनगर पुलिस के सामने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जमीन के वास्तविक स्वामित्व, कथित दोहरे बैनामे, 40 लाख रुपये के लेन-देन और मारपीट व धमकी के आरोपों की सच्चाई सामने लाने की चुनौती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी परिवार की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं।