Kanwhizz घोटाले के पीड़ितों का अल्टीमेटम, 1 जुलाई से अनशन-धरना, “न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन”
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Kanwhizz घोटाले के पीड़ितों का अल्टीमेटम, 1 जुलाई से अनशन-धरना, “न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन”
*रिपोर्ट/आसिफ अली *
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Kanwhizz KM Associate घोटाला”: पीड़ित निवेशकों ने DM बरेली को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट-हिस्ट्रीशीटर की मांग, सरकारी वकील दिलाने की गुहार
बरेली: Kanwhizz/KM Associate कंपनी से ठगे गए निवेशक और उनके परिवार अब सड़क पर उतर आए हैं। पूर्व में 9 जून और 15 जून को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के बावजूद कार्रवाई न होने से आक्रोशित पीड़ितों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि 1 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन अनशन और धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
DM बरेली को सौंपा ज्ञापन, धमकी का आरोप
पीड़ित निवेशकों ने जिलाधिकारी बरेली को ज्ञापन सौंपकर बताया कि Kanwhizz कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सुरेंद्र कुमार, पंकज त्रिपाठी, सूरजपाल, विनोद पटेल, सूरज मौर्य, सपना सिंह, राम लली, धर्मेंद्र यादव, लता पटेल आदि को जगतपाल सिंह मौर्य, महेंद्र कुमार, सुरेश कुशवाहा, पुष्पेंद्र उर्फ सोनू चंद्रा, हरेंद्र प्रकाश, हरपाल सिंह, हेमंत पटेल द्वारा झूठी FIR, वकीलों से लीगल नोटिस और व्हाट्सएप कॉल कर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। कहा जा रहा है कि “प्रदर्शन बंद करो वरना जान से मरवा देंगे”।
पीड़ितों की 6 बड़ी मांगें
1. UP पुलिस और योगी सरकार को बदनाम करने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो, जेल भेजा जाए
2. धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई, सुरक्षा मुहैया कराई जाए
3. धमकी देने वालों की पिछले 5-10 साल की संपत्ति की जांच हो, आय का स्रोत पता किया जाए
4. Kanwhizz कंपनी के सभी पार्टनर और अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हो
5. जिन दोषियों पर 4-5 FIR या विवेचना प्रार्थना पत्र हैं उन पर हिस्ट्रीशीटर और गुंडा एक्ट लगाया जाए
6. पीड़ित परिवारों को सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाए, क्योंकि चेक बाउंस की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए पैसा नहीं है
पुलिस की गरिमा पर सवाल, योगी सरकार पर उठ रहे सवाल”
पीड़ितों ने ज्ञापन में कहा कि वीडियो के माध्यम से पता चला है कि Kanwhizz कंपनी के कुछ लोग UP पुलिस अधिकारियों को बदनाम कर रहे हैं। इससे UP पुलिस की गरिमा को ठेस पहुंच रही है और योगी सरकार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ितों ने चेताया कि अनशन-धरने की पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी क्योंकि उन्हें जान-माल का खतरा है।
पीड़ित बोले: “मुकदमे दर्ज हैं पर कार्रवाई नहीं दिख रही”
ज्ञापन में पीड़ितों ने कहा कि जिन मामलों में मुकदमे दर्ज हैं उनमें भी पीड़ितों को कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही। इससे पीड़ित परिवारों में भारी निराशा और चिंता है। पीड़ितों ने मांग की कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर न्याय दिलाया जाए ताकि अनशन और आंदोलन का मार्ग न अपनाना पड़े।
1 जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन का ऐलान
पीड़ितों ने कहा कि अनशन-धरने पर कौन-कौन बैठेगा इसकी सूची प्रशासन को दे दी जाएगी। प्रार्थीगण में पंकज त्रिपाठी, सूरज मौर्य, धर्मेंद्र यादव समेत अन्य लोग शामिल हैं।