बरेली में नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: UPPCL में जॉइनिंग का झांसा देकर 24 युवाओं से लाखों की ठगी*

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बरेली में नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: UPPCL में जॉइनिंग का झांसा देकर 24 युवाओं से लाखों की ठगी*

*रिपोर्ट/आसिफ अली *

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*फर्जी जॉइनिंग लेटर और नकली मुहर से खेल: पीड़ितों का आरोप- मुजम्मिल अंसारी ने हर युवा से वसूले 3 लाख, JE ने बताया लेटर फर्जी, पैसा मांगने पर दी जान से मारने की धमकी*

बरेली में बेरोजगार युवाओं को *बिजली विभाग में सरकारी नौकरी* दिलाने के नाम पर ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि *फतेहगंज पूर्वी निवासी मुजम्मिल अंसारी और उसके भाई अरबाज उर्फ लाला* ने करीब दो दर्जन युवाओं से *प्रति व्यक्ति तीन-तीन लाख रुपये* ऐंठ लिए। ठगी का यह खेल *साल 2024* से चल रहा था।

*ऐसे बिछाया गया ठगी का जाल*
पीड़ितों के मुताबिक मुजम्मिल ने दावा किया कि *उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) में उसकी अच्छी पहचान* है और वह नौकरी लगवा सकता है। बेरोजगारी से परेशान युवाओं ने भरोसा कर लिया। तय हुआ कि *2 लाख रुपये एडवांस* और बाकी रकम नौकरी लगने के बाद दी जाएगी।

*कर्ज लेकर दिए पैसे, मिला फर्जी लेटर*
पीड़ित *सौरभ साहू* ने बताया कि उसने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर *अक्टूबर 2024 में 1,30,500 रुपये नकद* और बाद में *UPI से 69,500 रुपये* दिए। *जनवरी 2025* में मुजम्मिल ने उसे *जॉइनिंग लेटर* थमा दिया। लेटर को असली दिखाने के लिए उस पर *विभाग की कथित फर्जी मुहर* भी लगाई गई थी। इसके बाद युवाओं को *ट्रेनिंग के नाम पर अलग-अलग इलाकों में* घुमाकर उलझाए रखा गया।

*JE ने खोली पोल, नंबर कर दिया ब्लॉक*
शक होने पर जब युवाओं ने *बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर* को लेटर दिखाया तो पता चला कि *वह पूरी तरह फर्जी है और विभाग में कोई भर्ती ही नहीं निकली*। सच सामने आने पर जब मुजम्मिल से संपर्क किया गया तो उसने *फोन उठाना बंद कर दिया और नंबर ब्लैक लिस्ट* कर दिए। गांव जाने पर *रुपये लौटाने से इनकार* कर दिया और *शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी* देने का आरोप है।

*पीड़ित लगा रहे अधिकारियों के चक्कर*
अब *सौरभ साहू, इरशाद अली, अय्यूब और अनीस अहमद* समेत कई पीड़ित *शहर कोतवाली और पुलिस अधिकारियों के चक्कर* काट रहे हैं। उनका कहना है कि *एक साल से गुहार लगा रहे हैं* लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

*पहले भी हो चुकी है ऐसी ठगी*
गौरतलब है कि बरेली में इससे पहले *फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा* भी नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में जेल जा चुकी है। पीड़ितों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में *सख्त कार्रवाई कर उनकी गाढ़ी कमाई वापस* दिलाएगी।