ऋषभ ठाकुर फिर गिरफ्तार ,स्पा संचालिका से धमकी और 40 हजार की मांग, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
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ऋषभ ठाकुर फिर गिरफ्तार ,स्पा संचालिका से धमकी और 40 हजार की मांग, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
रिपोर्ट /आसिफ अली
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बरेली। शहर के बारादरी थाना क्षेत्र में कथित रंगदारी और धमकी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विवादों में रहे ऋषभ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक स्पा संचालिका को फोन पर धमकाने और स्टिंग वीडियो हटाने के बदले 40 हजार रुपये की मांग करने का आरोप है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
17 मिनट 31 सेकंड का वायरल ऑडियो बना सबूत
सोशल मीडिया पर वायरल हुए 17 मिनट 31 सेकंड के ऑडियो ने पूरे मामले को तूल दे दिया। कथित ऑडियो में ऋषभ ठाकुर और उसका साथी आशु यादव स्पा संचालिका को धमकाते सुनाई दे रहे हैं।
ऑडियो में आरोपी खुद को चर्चित “कैफे कांड” का मुख्य चेहरा बताकर दबाव बनाता दिख रहा है। वह दावा करता है कि उसकी अनुमति के बिना शहर में कोई व्यवसाय नहीं चल सकता।
सूत्रों के मुताबिक, स्टिंग वीडियो हटाने के एवज में “खर्चा-पानी” के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की गई। बातचीत में खुलेआम चुनौती देते हुए स्पा खुलवाने और विरोध करने वालों को परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई।
जिला बदर के बावजूद शहर में सक्रिय, पुलिस पर उठे सवाल जानकारी के अनुसार, आरोपी को पहले सुभाष नगर थाने से छह महीने के लिए जिला बदर किया गया था और उसे बदायूं सीमा में छोड़ा गया था। बावजूद इसके वह कथित तौर पर बरेली में सक्रिय रहा।
ऑडियो में आशु यादव ने यह भी दावा किया कि उसके खिलाफ 11 और ऋषभ के खिलाफ 8 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने ऋषभ के साथ आशु यादव और दो अन्य के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तारी के बाद परिजनों का विरोध गिरफ्तारी के बाद ऋषभ की बहन ने बारादरी थाने के बाहर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में उसने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिला बदर की अवधि पूरी होने के बाद ही उसका भाई बरेली लौटा था। उसने अपने भाई को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संगठनों ने बनाई दूरी इस मामले के तूल पकड़ने के बाद हिंदू जागरण मंच (युवा) सहित अन्य संगठनों ने आरोपियों से दूरी बना ली है। संगठन के जिला अध्यक्ष हिमांशु पटेल ने स्पष्ट किया कि दोनों आरोपियों को पहले ही निष्कासित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संगठन का नाम इस्तेमाल कर दबाव बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस का सख्त संदेश पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल ऑडियो और शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ और रंगदारी जैसे अपराधों पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।