रमज़ान का पहला जुमा: बरेली की मस्जिदों में उमड़ी भीड़, मुल्क में अमन-चैन की दुआ
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रमज़ान का पहला जुमा: बरेली की मस्जिदों में उमड़ी भीड़, मुल्क में अमन-चैन की दुआ
रिपोर्ट /आसिफ अली
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बरेली, 20 फरवरी 2026। पवित्र माह रमज़ान के पहले जुमा पर शहर की मस्जिदों, दरगाहों और खानकाहों में नमाज़ियों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में रोज़ेदारों में खासा उत्साह दिखाई दिया। अज़ान से पहले ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग मस्जिदों में पहुंचने लगे ताकि पहली सफ (पंक्ति) में जगह मिल सके।
नमाज़ के बाद मुल्क और मिल्लत की खुशहाली, अमन और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं।
शाही जामा मस्जिद में अदा हुई मुख्य नमाज़
शहर की प्रमुख मस्जिद शाही जामा मस्जिद (किला) में दोपहर करीब 1:30 बजे शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने जुमा की नमाज़ अदा कराई। अपने खुत्बे में उन्होंने रमज़ान की फ़ज़ीलत, रोज़े की अहमियत और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
नमाज़ के बाद देश में शांति, तरक्की और इंसानी हमदर्दी के लिए दुआ की गई।
दरगाह आला हज़रत की रज़ा मस्जिद में विशेष बयान दोपहर 3 बजे दरगाह आला हज़रत स्थित रज़ा मस्जिद में जुमा की नमाज़ अदा की गई। यहां दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां सहित खानदान के बुजुर्ग मौजूद रहे। नमाज़ की इमामत मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने कराई।
नमाज़ के बाद अपने संबोधन में सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि रोज़ा बिना किसी शरई मजबूरी के छोड़ना गंभीर गुनाह है। यदि किसी व्यक्ति को ऐसी बीमारी हो जिससे रोज़ा रखने पर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने का खतरा हो, तो उसे अस्थायी रूप से रोज़ा छोड़ने की अनुमति है, लेकिन सेहत ठीक होने के बाद छूटे हुए रोज़ों की कज़ा रखना अनिवार्य है।
शहरभर की मस्जिदों में रहा विशेष इंतज़ाम
दोपहर 12:45 बजे खानकाह-ए-वामिकिया से नमाज़ का सिलसिला शुरू हुआ। इसके अलावा दरगाह शाहदाना वली, दरगाह ताजुश्शरिया, खानकाह-ए-नियाज़िया, दरगाह शाह शराफत अली मियां समेत शहर की प्रमुख दरगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाज़ियों ने जुमा की नमाज़ अदा की।
सिविल लाइंस की नौमहला मस्जिद, कचहरी मस्जिद, आज़म नगर की हरी मस्जिद, पुराना शहर की मिर्जाई मस्जिद, नूरानी मस्जिद, छः मीनारा मस्जिद, हबीबिया मस्जिद, हकीम गौसिया मस्जिद, बिहारीपुर की बीबी जी मस्जिद, कैंट की हाथी खाना मस्जिद, रेलवे स्टेशन की नूरी मस्जिद, सुभाष नगर की साबरी मस्जिद और जखीरा की इमली वाली मस्जिद सहित अन्य स्थानों पर भी श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अमन और भाईचारे का संदेश रमज़ान के पहले जुमा पर उलेमा-ए-किराम ने रोज़ा, ज़कात और इंसानी हमदर्दी की अहमियत पर रोशनी डाली। सभी मस्जिदों में देश की तरक्की, समाज में भाईचारे और वैश्विक शांति के लिए दुआएं की गईं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात के पर्याप्त इंतज़ाम किए गए थे, जिससे नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
मीडिया संपर्क:
नासिर कुरैशी
मो.: 9897556434