स्मार्टफोन चोरी कर साइबर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल से खातों से उड़ाते थे पैसे

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स्मार्टफोन चोरी कर साइबर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल से खातों से उड़ाते थे पैसे

रिपोर्ट/आसिफ अली

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बरेली। बरेली पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना पुलिस ने ऐसे दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों के स्मार्टफोन चोरी करते थे और फिर उन्हीं मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर पीड़ितों के बैंक खातों से रकम उड़ाने की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी के करीब एक दर्जन स्मार्टफोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल और रहीम के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, मेलों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही जेब या बैग से महंगे स्मार्टफोन चोरी कर फरार हो जाते थे।

चोरी के मोबाइल से करते थे साइबर ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी केवल मोबाइल चोरी तक ही सीमित नहीं थे। चोरी किए गए स्मार्टफोन में मौजूद बैंकिंग ऐप, यूपीआई, डिजिटल वॉलेट और अन्य वित्तीय सेवाओं का गलत इस्तेमाल कर पीड़ितों के खातों से रुपये निकाल लेते थे। कई मामलों में मोबाइल मालिक के नंबर पर आने वाले ओटीपी का भी फायदा उठाकर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर की जाती थी।

पुलिस का कहना है कि आरोपी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर मोबाइल लॉक खोलने और बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करते थे। इसी वजह से चोरी की घटनाएं सीधे साइबर अपराध में बदल जाती थीं।

रेलवे जंक्शन के पास से दबोचे गए आरोपी
साइबर थाना पुलिस को दोनों आरोपियों की गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने रेलवे जंक्शन के पास घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी के एक दर्जन स्मार्टफोन बरामद हुए, जिनके संबंध में पुलिस रिकॉर्ड और शिकायतों का मिलान किया जा रहा है।
कई मामलों का हो सकता है खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस को आशंका है कि दोनों ने जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी मोबाइल चोरी और साइबर ठगी की अनेक वारदातों को अंजाम दिया है।

बरामद मोबाइल फोन के आधार पर पुराने मुकदमों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों का कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

पुलिस कर रही डिजिटल जांच
बरामद मोबाइल फोन की डिजिटल फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी के बाद किन-किन बैंक खातों से लेनदेन किया गया और कितने लोगों को इन आरोपियों ने अपना शिकार बनाया। जांच पूरी होने के बाद कई और मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

लोगों से पुलिस की अपील
साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल फोन और कीमती सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
यदि मोबाइल चोरी हो जाए तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें तथा बैंक खाते और यूपीआई सेवाओं को तत्काल ब्लॉक कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी से बचा जा सके।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है।