त्रिवतीनाथ मंदिर नीलामी विवाद पर नगर निगम का यू-टर्न, जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण
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त्रिवतीनाथ मंदिर नीलामी विवाद पर नगर निगम का यू-टर्न, जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण
रिपोर्ट/आसिफ अली
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मंदिर नहीं,परिसर की दुकानों और बैंक भवन पर था नोटिस : नगर निगम
बरेली। त्रिवतीनाथ मंदिर को नीलाम किए जाने से जुड़ी खबरों के बाद बरेली नगर निगम को बैकफुट पर आना पड़ा है। मीडिया और सोशल मीडिया में मामला तूल पकड़ने के बाद नगर निगम ने शुक्रवार को एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति स्पष्ट की।
निगम ने कहा कि जारी किया गया नोटिस मंदिर के लिए नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में स्थित व्यावसायिक दुकानों और भारतीय स्टेट बैंक की इमारत के लिए था, जिन पर संपत्तिकर बकाया है।
नगर निगम की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में साफ शब्दों में कहा गया है कि किसी भी धार्मिक स्थल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कर निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया केवल उन व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू की गई है, जो धार्मिक परिसरों के भीतर संचालित हो रही हैं और जिन पर नियमों के अनुसार टैक्स देय है।
नगर आयुक्त संजीव मौर्य द्वारा जारी स्पष्टीकरण में यह भी उल्लेख किया गया है कि शहर में अन्य कई आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर भी संपत्तिकर बकाया है।
इसी क्रम में विदेश मंत्रालय से संबंधित पासपोर्ट कार्यालय के आवासीय व्यावसायिक भवनों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। निगम का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और कर वसूली के उद्देश्य से की जा रही है।
दरअसल, नगर निगम द्वारा जारी की गई एक सूची में त्रिवतीनाथ मंदिर का नाम सामने आने के बाद शहर में आक्रोश फैल गया था। धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। विरोध के चलते नगर निगम पर दबाव बढ़ा और उसे स्थिति स्पष्ट करने के लिए सार्वजनिक रूप से पत्र जारी करना पड़ा।
नगर निगम ने दोहराया है कि मंदिर, मस्जिद या किसी भी धार्मिक स्थल को नीलाम करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कार्रवाई केवल उन्हीं व्यावसायिक संपत्तियों के खिलाफ की जा रही है, जिन पर लंबे समय से कर बकाया है।
हालांकि, स्पष्टीकरण के बाद फिलहाल माहौल कुछ शांत हुआ है, लेकिन नगर निगम की कार्यप्रणाली और सूचना जारी करने के तरीके को लेकर सवाल अब भी उठ रहे हैं।
लोग यह जानना चाहते हैं कि यदि शुरुआत में स्पष्ट जानकारी दी जाती, तो विवाद की स्थिति क्यों पैदा होती।