EMI में रिश्वत लेना पड़ा भारी: विजिलेंस ने मुरादाबाद से सीनियर ऑडिट अफसर को रंगे हाथ दबोचा
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EMI में रिश्वत लेना पड़ा भारी: विजिलेंस ने मुरादाबाद से सीनियर ऑडिट अफसर को रंगे हाथ दबोचा
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली/मुरादाबाद।उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की बरेली यूनिट ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुरादाबाद में तैनात सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी अनिरुद्ध द्विवेदी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी अधिकारी ग्राम पंचायतों के ऑडिट के बदले तीन लाख रुपये की घूस मांग रहा था, जिसे किस्तों में लेने की योजना बनाई गई थी।
पहली किस्त लेते ही विजिलेंस ने उसे धर दबोचा।
ग्राम पंचायत ऑडिट के बदले तीन लाख की डील, पहली किस्त में ही खुल गई पोल
मामला मुरादाबाद जिले की छह ग्राम पंचायतों दुपैड़ा रनियाठेर, जगरामपुरा, लालपुर तीतरी, बीनावाला हिरनखेड़ा और भीतखेड़ा के वित्तीय वर्ष 2024–25 के ऑडिट से जुड़ा है।
सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी (सहकारी समितियां एवं ग्राम पंचायत) अनिरुद्ध द्विवेदी ने ऑडिट रिपोर्ट को “अनुकूल” रखने के बदले शिकायतकर्ता से तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
जब शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम एकमुश्त देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी अधिकारी ने इसे किस्तों में लेने का प्रस्ताव दिया। पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये तय किए गए।
विजिलेंस को शिकायत, बिछा जाल, मौके पर गिरफ्तारीभ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय शिकायतकर्ता ने बरेली सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी।
शिकायत की गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद बुधवार, 14 जनवरी 2026 को विजिलेंस टीम ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया।लिए
जैसे ही मुरादाबाद में शिकायतकर्ता ने 50 हजार रुपये नकद अनिरुद्ध द्विवेदी को सौंपे, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
केस दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं। इस कार्रवाई को प्रशासनिक हलकों में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
📞 रिश्वत मांगे जाने पर यहां करें शिकायत
सतर्कता अधिष्ठान ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक चाहे वह राजपत्रित हो या अराजपत्रित सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत सीधे रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।