बरेली में सीजन की सबसे सर्द रात, शीतलहर में धूप भी हुई बेअसर, गलन से जनजीवन प्रभावित
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बरेली में सीजन की सबसे सर्द रात, शीतलहर में धूप भी हुई बेअसर, गलन से जनजीवन प्रभावित
बरेली। शहर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है।
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रविवार सुबह कोहरे की तीव्रता भले ही कम रही, लेकिन उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही बर्फीली हवाओं ने धूप को भी राहत देने लायक नहीं छोड़ा।
सुबह के समय गलन इतनी तेज रही कि लोग घरों से निकलते ही ठिठुरते नजर आए।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते बरेली में ठंडी हवाओं का दौर तेज हो गया है।
शनिवार को शहर का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके चलते बरेली की रात उत्तर प्रदेश की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई।
दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर कम नहीं हुआ।
शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य 18.5 डिग्री सेल्सियस से करीब 4.4 डिग्री नीचे गिरकर 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इससे कम अधिकतम तापमान केवल मुजफ्फरनगर में 14.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे बरेली प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा जिला बन गया।
रविवार को ठंड ने और ज्यादा तीखापन दिखाया। सुबह के समय न्यूनतम तापमान गिरकर पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
हल्का कोहरा छाया रहा, हालांकि करीब 10 बजे के बाद धूप निकली, लेकिन शीतलहर के कारण इसका असर न के बराबर रहा।
शनिवार की दोपहर भी उत्तर-पश्चिमी हवाएं करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रहीं, जिससे पूरे दिन गलन बनी रही।
हवा में नमी का स्तर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसके कारण ठंड और ज्यादा चुभन भरी महसूस हुई। रविवार को भी मौसम की स्थिति लगभग इसी तरह बनी रही।
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार के अनुसार वायुमंडल में हो रहे माइक्रोफिजिकल बदलावों और क्षेत्रीय परिस्थितियों के चलते बर्फीली हवाओं के झोंकों ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि आसमान में बादलों की मौजूदगी के कारण हल्की बारिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आने वाले दिनों में दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, जबकि रात के तापमान में और गिरावट के आसार बने हुए हैं।
रिपोर्ट/आसिफ अली