जिला अस्पताल के सर्जन ने मनोरोगी युवती के पेट से निकाला 2 किलो बालों का गुच्छा
- Advertisement -
बरेली। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने एक मनोरोगी महिला के पेट से 2 किलो बालों का गुच्छा निकालकर उसकी जान बचाकर कीर्तिमान स्थापित किया है जिला अस्पताल में ट्राई को बेजोर के मरीज जो 16 साल से अपने बालों को खा रही थी वह बाल उसके पेट में इकट्ठे हो रहे थे जब उसको मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष कुमार को दिखाया गया तो उन्होंने इसका अल्ट्रासाउंड कराया और तब जाकर यह मालूम हुआ के पेट में बालों का गुच्छा है जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर एमपी सिंह ने अपनी टीम के साथ सफल ऑपरेशन करके उसकी जान बचाई है, थाना सुभाषनगर की रहने वाली 21 साल की युवती को पिछले करीब पांच साल से पेट में दर्द की शिकायत थी। कई प्राइवेट डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी मर्ज के बारे में पता नहीं चल पाया। हारकर लड़की के परिजन उसको जिला अस्पताल लेकर पहुंचे उसका सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि उसके अमाशय में बालों के गुच्छे जैसे कोई चीज मौजूद है। जिसके बाद 22 सितंबर को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक सप्ताह पहले ऑपरेशन करके दो किलो के आसपास बालों का गुच्छा पेट से बाहर निकाला गया।
16 साल से खा रही थी अपने ही सर के बाल
मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष कुमार ने बताया कि ऑपरेशन से पहले लड़की की कॉउंसलिंग की गई। इस बारे में युवती के परिजनों से पूछा गया तो उन्हें भी कोई जानकारी नहीं थी। कि इतनी बड़ी मात्रा में युवती के पेट में बाल कैसे पहुंचे। वहीं। लड़की से बात करने पर पता चला कि वह परिजनों से नजर बचाकर पिछले 16 साल से अपने ही सिर के बाल खा रही थी। हालांकि भविष्य में युवती ऐसा दोबारा ना करें इसलिए कुछ माह तक युवती की मनकक्ष में काउंसलिंग जारी रहेगी।
- Advertisement -
ये है बाल खाने की बीमारी का असली नाम
डॉक्टरों के मुताबिक लड़की को बाल खाने की बीमारी थी, उसके पेट में इतने बाल हो गए थी की खाना तक खा नई पा रहा थी। का सीटी अमाशय कराया गया तो पाया गया की उसके पेट में ट्राइकोबेजर है और यह अवस्था ट्राइकोलोटोमैनइया मानसिक बीमारी है।इन डॉक्टरों ने की सफल जटिल सर्जरी
युवती का सफल ऑपरेशन करने में जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर एमपी सिंह, डॉक्टर अंजली सोनी, डॉक्टर मुग्धा शर्मा, स्टाफ नर्स भावना के साथ ही मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष कुमार और डॉक्टर प्रज्ञा माहेश्वरी का विशेष योगदान रहा।
डॉक्टरों ने 20 साल में ऐसा मामला नहीं देखा
जिला अस्पताल की एडीएस आईसी डॉक्टर अलका शर्मा ने बताया कि इस तरह की जटिल सर्जरी के मामले बहुत कम सामने आते हैं, बीते 20 सालों में इस तरह का कोई मामला सामने नही आया है, हालांकि अस्पताल के कुशल डॉक्टरों की टीम ने पूरी सूझबूझ के साथ सफल ऑपरेशन किया, मरीज भी पूर्ण रूप से स्वस्थ है।