एक आशिक ने दूसरे आशिक पर फेंका तेजाब! डेढ़ साल बाद खुला राज, अंशिका वर्मा के निर्देशन में आरोपी गिरफ्तार

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एक आशिक ने दूसरे आशिक पर फेंका तेजाब! डेढ़ साल बाद खुला राज, अंशिका वर्मा के निर्देशन में आरोपी गिरफ्तार

युवती से बातचीत को लेकर हुआ था विवाद, पुलिस का दावा- अंकुश को रास्ते से हटाने की साजिश में साथी के साथ मिलकर किया गया एसिड अटैक; सीडीआर और दूसरे साक्ष्यों से कासगंज तक पहुंची पुलिस

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बरेली। आंवला थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ साल पहले हुए चर्चित एसिड अटैक मामले में बरेली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक युवती से प्रेम संबंध को लेकर दो युवकों के बीच विवाद हुआ था और इसी रंजिश में अंकुश पर तेजाब फेंकने की साजिश रची गई। मामले की लंबी विवेचना के बाद पुलिस ने कासगंज निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान चन्द्रकेश उर्फ चन्द्रवीर पुत्र नरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम तबालपुर, थाना ढोलना, जिला कासगंज, उम्र करीब 25 वर्ष के रूप में हुई है। आरोपी को 10 अक्टूबर 2026 को आंवला-अलीगंज रोड पर अरिल नदी के पुल के पास से दोपहर करीब 1:20 बजे गिरफ्तार किया गया।

युवती से बातचीत बनी विवाद की वजह

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसका एक युवती से प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, युवती अंकुश से भी बातचीत करती थी। इसी बात को लेकर आरोपी ने अंकुश से युवती से बातचीत बंद करने को कहा था।

बताया गया कि इसी मुद्दे पर दोनों के बीच कहासुनी और विवाद हुआ। पुलिस का दावा है कि इसके बाद आरोपी ने अंकुश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने एक साथी के साथ मिलकर उस पर तेजाब फेंकने की वारदात को अंजाम दिया।

डेढ़ साल बाद सीडीआर ने खोली कड़ी

यह मामला 7 मार्च 2025 को आंवला थाने में यादराम वर्मा की तहरीर पर दर्ज किया गया था। मुकदमा अपराध संख्या 127/25 में कई लोगों को नामजद किया गया था।

विवेचना आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों की गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया। पुलिस का कहना है कि इसी जांच के दौरान चन्द्रकेश उर्फ चन्द्रवीर की भूमिका सामने आई और उसके खिलाफ घटना से जुड़े पुष्टिकारक साक्ष्य मिले।

अंशिका वर्मा के निर्देशन में पुलिस ने कसी घेराबंदी

पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के निर्देशन में टीम ने पुराने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। सर्विलांस और एसओजी टीम की मदद से आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई।

आखिरकार पुलिस ने उसे आंवला-अलीगंज रोड स्थित अरिल नदी के पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

भमोरा पुलिस और एसओजी-सर्विलांस ने संभाली जांच

मामले की विवेचना थाना भमोरा प्रभारी कुशलपाल सिंह द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के नेतृत्व/निर्देशन और क्षेत्राधिकारी आंवला के पर्यवेक्षण में की गई।

जांच में सर्विलांस टीम और एसओजी द्वितीय ने भी सहयोग किया। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

कार्रवाई में थाना प्रभारी भमोरा कुशलपाल सिंह, सर्विलांस प्रभारी अभिषेक मय टीम, एसओजी द्वितीय प्रभारी अमरेश सिंह मय टीम, उपनिरीक्षक सुमित सिंह थाना आंवला, कांस्टेबल शेर सिंह और कांस्टेबल अनुज कुमार शामिल रहे।

कोर्ट में पेश किया जा रहा आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में पुलिस आगे की विवेचना के आधार पर अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।

मुकदमा: मु0अ0सं0 127/25, थाना आंवला, जिला बरेली
धाराएं: 109/124(1)/351(2)/3(5) बीएनएस

पुलिस के दावे पर आधारित यह खुलासा

पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पुराने इस एसिड अटैक मामले में प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद को वारदात की मुख्य वजह के रूप में सामने लाया गया है। हालांकि मामले से जुड़े सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।