इंस्टाग्राम पर जड़ी-बूटी का प्रचार, खुद को डॉक्टर बताकर बेचते थे दवाएं, दो गिरफ्तार
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इंस्टाग्राम पर जड़ी-बूटी का प्रचार, खुद को डॉक्टर बताकर बेचते थे दवाएं, दो गिरफ्तार
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में कॉल सेंटर की आड़ में कथित रूप से अवैध तरीके से दवाओं की बिक्री करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। राजीव इन्क्लेव कॉलोनी स्थित एक मकान में छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि उनका एक साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से दवाओं के 85 पैकेज, 12 मोबाइल फोन और करीब दो लाख रुपये नकद समेत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान बरामद किया है।
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मंगलवार को एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, सूचना के आधार पर राजीव इन्क्लेव में एक मकान पर छापा मारा गया। यहां एक युवक कंप्यूटर और मोबाइल फोन के साथ मिला। पास रखे रजिस्टरों में ग्राहकों के मोबाइल नंबर दर्ज थे। दूसरे कमरे में एक युवक खाली कैप्सूलों में सामग्री भरकर उन्हें डिब्बियों में पैक कर रहा था।
पुलिस टीम को देखकर एक आरोपी पीछे के रास्ते से फरार हो गया। मौके से देवरनियां के वार्ड छह निवासी समीरउद्दीन (24) और इज्जतनगर के बड़ी बिहार निवासी यूसुफ (25) को गिरफ्तार किया गया। फरार आरोपी की पहचान बड़ी बिहार निवासी इलियास खां के रूप में बताई गई है।
इंस्टाग्राम पर विज्ञापन, कॉल पर खुद को डॉक्टर बताते थे
पुलिस के अनुसार, आरोपी इंस्टाग्राम पर ‘हर्बल हैंड जड़ीबूटी’ नाम से आईडी चलाते थे। सोशल मीडिया पर भ्रामक विज्ञापनों के जरिए लोगों को आकर्षित करने के बाद फोन पर उनसे संपर्क किया जाता था। आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर दवाओं के बारे में जानकारी देते और उन्हें बेचते थे।
पुलिस का दावा है कि आरोपी सहारनपुर और मुरादाबाद से सामग्री खरीदकर लाते थे। इसके बाद मकान में कैप्सूल तैयार कर उन्हें पैक किया जाता था और अपनी फर्म के नाम से ग्राहकों को भेजा जाता था। बरामद कैप्सूल में इस्तेमाल सामग्री की प्रकृति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वैध लाइसेंस नहीं, जांच से बचने को रखी थी फर्जी कॉपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास दवाओं की बिक्री के लिए वैध लाइसेंस नहीं था। छापेमारी के दौरान एक कथित कूटरचित लाइसेंस की कॉपी भी बरामद हुई है। पुलिस का आरोप है कि जांच या चेकिंग के दौरान इसी दस्तावेज को दिखाकर कारोबार को वैध बताने का प्रयास किया जाता था।
पूछताछ में आरोपियों ने करीब एक साल से यह काम किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, कारोबार से होने वाले मुनाफे को तीनों आरोपी आपस में बांटते थे। देवरनियां कस्बे में भी एक दुकान होने और वहां सामान रखे होने की जानकारी पुलिस को मिली है।
12 मोबाइल और 1.99 लाख रुपये नकद बरामद
पुलिस ने मौके से 12 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, छह सीपीयू, आठ मॉनिटर, छह कीबोर्ड, माउस, एक प्रिंटर, दो बिल प्रिंटर और एक स्कैनर बरामद किया। इसके अलावा दवाओं के 85 पैकेज, पैकिंग सामग्री और अन्य दस्तावेज भी मिले।
पुलिस के मुताबिक, छह चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड और 1.99 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। मामले में इज्जतनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।