गैंगस्टर शेर अली जाफरी पर अपने ही गनर को बंधक बनाकर पीटने का आरोप, छह महीने की सैलरी मांगना पड़ा भारी!
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गैंगस्टर शेर अली जाफरी पर अपने ही गनर को बंधक बनाकर पीटने का आरोप, छह महीने की सैलरी मांगना पड़ा भारी!
बरेली। बरेली में खुसरो कॉलेज के चेयरमैन गैंगस्टर शेर अली जाफरी एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन पर अपने ही निजी गनर को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और चाकू से हमला करने का आरोप लगा है। गनर का दावा है कि वह करीब छह महीने की बकाया सैलरी मांगने पहुंचा था, लेकिन रुपये देने के बजाय उसे ऑफिस में बंद कर दिया गया और डंडों व लात-घूंसों से पिटाई की गई।
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आरोप है कि मारपीट के दौरान गैंगस्टर शेर अली जाफरी के ऑफिस में रखा घास काटने वाला चाकू भी उठा लिया गया और गनर पर हमला किया गया। बचाव करने के दौरान उसकी कलाई कट गई। पीड़ित ने जान से मारने की धमकी देने और झूठे मुकदमों में फंसाने का भी आरोप लगाया है।
मामले में एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश के बाद सीबीगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छह महीने की सैलरी मांगने पर भड़के शेर अली जाफरी!
शिवनगर कॉलोनी निवासी योगेश गुप्ता के मुताबिक वह करीब एक साल से शेर अली जाफरी के यहां निजी गनर के तौर पर काम कर रहा था। उसकी मासिक सैलरी 28 हजार रुपये तय थी। योगेश का आरोप है कि 1 मार्च से 22 अगस्त 2026 तक की करीब 1,60,533 रुपये की सैलरी बकाया थी।
पीड़ित के मुताबिक वह लगातार अपनी मेहनत की कमाई मांग रहा था, लेकिन उसे बार-बार टाल दिया जाता था। योगेश का कहना है कि 21 अगस्त को शेर अली जाफरी उसे अपने डिग्री कॉलेज बाकरगंज, जहानाबाद, पीलीभीत लेकर गए थे। अगले दिन वह सीबीगंज स्थित खुसरो पीजी कॉलेज पहुंचा।
दोपहर करीब 12 बजे जब योगेश ने अपनी बकाया रकम मांगी तो आरोप है कि शेर अली जाफरी भड़क गए। गाली-गलौज के बाद उसे ऑफिस के अंदर बंद कर दिया गया।
ऑफिस में बंद कर डंडों और लात-घूंसों से पीटने का आरोप
योगेश का आरोप है कि ऑफिस के अंदर बंद करने के बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। उसे डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। इसी दौरान ऑफिस में रखा घास काटने वाला चाकू उठाकर हमला किए जाने का आरोप है।
पीड़ित के मुताबिक उसने खुद को बचाने की कोशिश की, इसी दौरान चाकू उसकी कलाई पर लग गया और वह घायल हो गया।
योगेश ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसे धमकाया गया कि अगर उसने दोबारा रुपये मांगे तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा। साथ ही ऊंचे अधिकारियों से पहचान होने का हवाला देकर डराने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
थाने से लेकर एसएसपी तक पहुंचा मामला
योगेश का कहना है कि घटना वाले दिन ही वह सीबीगंज थाने पहुंचा था, लेकिन उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और मेडिकल भी नहीं कराया गया। इसके बाद उसने एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की।
एसएसपी के निर्देश के बाद सीबीगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। अब पुलिस शेर अली जाफरी पर लगाए गए मारपीट, धमकी और चाकू से हमला करने के आरोपों की जांच कर रही है।
फर्जी डी-फार्मा डिग्री मामले में भी सुर्खियों में रहे शेर अली जाफरी
शेर अली जाफरी इससे पहले खुसरो कॉलेज से जुड़े कथित फर्जी डी-फार्मा डिग्री मामले को लेकर भी सुर्खियों में रह चुके हैं। पुलिस और एसआईटी की कार्रवाई में उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे और गिरफ्तारी भी हुई थी। बाद में उन्हें जमानत मिली।
इन मामलों में उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत से होना बाकी है।
शेर अली जाफरी बोले- आरोप पूरी तरह गलत
वहीं पूरे मामले में शेर अली जाफरी ने गनर योगेश के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि योगेश ने उनके यहां करीब दो माह कुछ दिन काम किया था और उसका भुगतान चेक के माध्यम से किया जा चुका है।
शेर अली जाफरी के मुताबिक उन्होंने योगेश के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा भी दर्ज कराया है। उन्होंने साफ कहा कि योगेश द्वारा लगाए गए मारपीट, बंधक बनाने और चाकू से हमला करने के आरोप गलत हैं।
अब पुलिस जांच में खुलेगा पूरा सच
फिलहाल गैंगस्टर शेर अली जाफरी पर लगे गंभीर आरोपों के बाद मामला पुलिस जांच के घेरे में है। एक तरफ निजी गनर योगेश गुप्ता ने बकाया वेतन मांगने पर बंधक बनाकर पीटने और चाकू से घायल करने का आरोप लगाया है, वहीं शेर अली जाफरी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि ऑफिस में वास्तव में क्या हुआ, गनर को चोट कैसे लगी और बकाया वेतन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की असली वजह क्या थी। मामले में पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों पर ही आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।