जिला अस्पताल से बुर्का पहनकर फरार हुई महिला बंदी, टॉयलेट में मिले कपड़े; दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित
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जिला अस्पताल से बुर्का पहनकर फरार हुई महिला बंदी, टॉयलेट में मिले कपड़े; दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित
बरेली। जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती एक महिला बंदी पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर फरार हो गई। बंदी ने पहले टॉयलेट जाने की बात कहकर वार्ड से बाहर जाने की अनुमति ली और इसी दौरान अपने कपड़े बदलकर बुर्का पहन लिया। इसके बाद वह अस्पताल से बाहर निकल गई। काफी देर तक जब वह वापस नहीं आई तो सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को शक हुआ। टॉयलेट में तलाश करने पर उसके कपड़े मिले, जबकि बंदी वहां मौजूद नहीं थी।
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महिला बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात दोनों महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस अब अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही महिला बंदी की तलाश में जुटी है।
पॉक्सो मामले में जेल में बंद थी ममता
फरार हुई महिला की पहचान इज्जतनगर क्षेत्र के तुलाशेरपुर गांव निवासी 49 वर्षीय ममता पत्नी पप्पू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ममता को फरीदपुर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक मामले में दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे केसरपुर स्थित केंद्रीय कारागार-2 में भेज दिया गया था।
31 अगस्त को ममता को अदालत में पेशी के लिए जिला न्यायालय लाया गया था। पेशी के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उसे दो महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में भर्ती कराया गया था।
बार-बार टॉयलेट जाने से पैदा हुआ शक
बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ममता कई बार टॉयलेट जाने के लिए वार्ड से बाहर गई। लगातार टॉयलेट जाने के कारण सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को भी उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी पड़ रही थी।
बुधवार शाम करीब सात बजे ममता ने दोबारा टॉयलेट जाने की बात कही। उस समय सुरक्षा में तैनात दोनों महिला पुलिसकर्मी खाना खा रही थीं। उन्होंने ममता को टॉयलेट जाने दिया। इसी दौरान उसने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी का फायदा उठाया और वहां से निकल गई।
टॉयलेट में मिले कपड़े, बुर्का पहनकर निकली बाहर
जब काफी देर तक ममता वापस वार्ड में नहीं लौटी तो पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। दोनों ने टॉयलेट में जाकर उसकी तलाश की, लेकिन वहां ममता नहीं मिली। टॉयलेट में उसके कपड़े टंगे हुए मिले।
जांच में सामने आया कि ममता ने वहीं अपने कपड़े बदले और बुर्का पहन लिया। इसके बाद वह अस्पताल से बाहर निकल गई। पुलिस को आशंका है कि फरारी की योजना पहले से बनाई गई हो सकती है। यह भी जांच की जा रही है कि अस्पताल के बाहर या आसपास किसी व्यक्ति ने उसे बुर्का उपलब्ध कराया था या नहीं।
बेटे को फोन कर बताया- मैं बाहर आ गई हूं
महिला बंदी के फरार होने के कुछ समय बाद उसका बेटा केशव भी उसे तलाशते हुए जिला अस्पताल पहुंचा। पुलिस को उसने बताया कि उसकी मां ने किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल फोन से उसे कॉल किया था।
केशव के मुताबिक, फोन पर ममता ने बताया कि वह अस्पताल से बाहर निकल चुकी है और अब वह अपना मामला खुद देख लेगी। इस जानकारी के बाद पुलिस को फरारी में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका होने का भी संदेह है। पुलिस फोन कॉल और उसके इस्तेमाल किए गए मोबाइल की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
अस्पताल और आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
महिला बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव चौधरी पुलिस टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
इसके साथ ही अस्पताल परिसर तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ममता किस रास्ते से अस्पताल से बाहर निकली और उसके बाद वह किस दिशा में गई।
सुरक्षा में लापरवाही पर दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित
मामले में सुरक्षा ड्यूटी में लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी ने दोनों महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस विभाग की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस फरार महिला बंदी की तलाश के साथ-साथ इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि उसे बुर्का किसने उपलब्ध कराया और अस्पताल से बाहर निकलने के बाद उसे किसी व्यक्ति ने वाहन या अन्य माध्यम से मदद तो नहीं दी। घटना ने जिला अस्पताल में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।