बरेली में जुलूस-ए-मोहम्मदी के वीडियो से मचा हड़कंप: इंस्टाग्राम पर भड़काऊ ऑडियो डालकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, दो नामजद पर मुकदमा

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बरेली में जुलूस-ए-मोहम्मदी के वीडियो से मचा हड़कंप: इंस्टाग्राम पर भड़काऊ ऑडियो डालकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, दो नामजद पर मुकदमा

रिपोर्ट.आसिफ अली

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‘तबाही मचा दो..जैसे आपत्तिजनक ऑडियो से सोशल मीडिया पर सनसनी, दूसरे वीडियो में ‘15 मिनट बाकी हैं’ कहकर भीड़ को उकसाने का आरोप; पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश

बरेली। संवेदनशील जिले बरेली में सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश का एक गंभीर मामला सामने आया है। जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर भड़काऊ ऑडियो जोड़कर इंस्टाग्राम पर प्रसारित किए जाने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई। वीडियो में शासन और पुलिस को चुनौती देने वाले कथित आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रेमनगर थाना पुलिस ने दो नामजद युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अन्य सामग्री की भी निगरानी शुरू कर दी गई है।

जुलूस के वीडियो पर भड़काऊ ऑडियो, सोशल मीडिया पर वायरल होने से बढ़ी हलचल

पुलिस के संज्ञान में आए एक इंस्टाग्राम वीडियो में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान उमड़ी भीड़ दिखाई दे रही है। आरोप है कि वीडियो के साथ बाद में ऐसा ऑडियो जोड़ा गया, जिसमें कथित तौर पर लोगों को उकसाने और पुलिस-सरकार को सबक सिखाने जैसी बातें कही गईं।

वीडियो में इस्तेमाल कथित ऑडियो को लेकर पुलिस ने इसे माहौल बिगाड़ने वाला और आपत्तिजनक माना है। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते ही लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई और पुलिस ने तत्काल इसकी जांच शुरू कर दी।

दूसरे वीडियो में ‘15 मिनट बाकी हैं’ कहने का दावा

इसी मामले से जुड़े दूसरे वीडियो में भीड़ के बीच एक युवक के दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में युवक कथित तौर पर भीड़ को संबोधित करते हुए ‘अभी 15 मिनट बाकी हैं’ जैसी बात कहता नजर आ रहा है।

वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों सोशल मीडिया अकाउंट और उनके संचालकों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों वीडियो को लेकर दो युवकों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।

दरोगा की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

मामले में प्रेमनगर थाने के उपनिरीक्षक अक्षय त्यागी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक साइबर जांच और स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल के दौरान इंस्टाग्राम अकाउंट संचालित करने वाले युवकों की पहचान की गई।

जांच में @_sahib_0008 नामक हैंडल के संचालक की पहचान साहिब के रूप में बताए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार वह प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बानखाना इलाके का रहने वाला है।

वहीं दूसरे वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान अरमान मियां के रूप में किए जाने का दावा पुलिस ने किया है। वह भी बानखाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

बरेली जैसे संवेदनशील जिले में धार्मिक जुलूस और भीड़ से जुड़े वीडियो में आपत्तिजनक सामग्री जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को पुलिस गंभीरता से ले रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस की साइबर टीम वायरल वीडियो के स्रोत और उसके प्रसार से जुड़े अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वीडियो को पहली बार किसने अपलोड किया और इसे आगे किन-किन अकाउंट्स से प्रसारित किया गया।

हिंदू संगठनों ने जताया आक्रोश

वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों में भी नाराजगी सामने आई है। संगठनों ने पुलिस-प्रशासन से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजनों के वीडियो का इस्तेमाल यदि भड़काऊ संदेश फैलाने के लिए किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कर रही है।

दोनों आरोपी बताए जा रहे फरार, गिरफ्तारी के लिए दबिश

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके अलावा दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट और उनसे जुड़ी गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह, नफरत या भड़काऊ सामग्री फैलाकर शहर की शांति प्रभावित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बरेली में सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर

घटना के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तेज कर दी है। धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और संवेदनशील मुद्दों से जुड़े वीडियो तथा पोस्ट की निगरानी की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि बिना सत्यापन किसी वीडियो, ऑडियो या पोस्ट को शेयर न करें। भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर उसकी सूचना पुलिस को दें।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई का केंद्र दोनों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और वायरल वीडियो के पूरे डिजिटल नेटवर्क की पड़ताल पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी तथ्य सामने आने की संभावना है।