यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत, कर्मचारियों को मिलेगा पारदर्शी सिस्टम का लाभ; बरेली में भी हुआ कार्यक्रम
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यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत, कर्मचारियों को मिलेगा पारदर्शी सिस्टम का लाभ; बरेली में भी हुआ कार्यक्रम
आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय, ईपीएफ और ईएसआईसी समेत अधिकारों की निगरानी होगी आसान, आईएमए हॉल में हुआ सीधा प्रसारण
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बरेली। प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया। निगम की वेबसाइट और पोर्टल की लॉन्चिंग के साथ लोगो का अनावरण किया गया तथा विभिन्न लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बरेली के आईएमए हॉल में किया गया। यहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, संबंधित विभागों के कर्मचारियों और लाभार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और उनके अधिकारों का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन और व्यवस्थित व्यवस्था होने से कर्मचारियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। साथ ही बिचौलियों की भूमिका कम होने और कर्मचारियों के शोषण की शिकायतों पर प्रभावी निगरानी की उम्मीद है। सरकार का प्रयास है कि आउटसोर्स कर्मियों को समय से मानदेय मिलने के साथ उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ भी सुनिश्चित हों।
सफाई कर्मचारियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सफाई कर्मियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। ये कर्मचारी प्रतिदिन जमीनी स्तर पर काम करते हुए आम लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का ध्यान रखना आवश्यक है। आउटसोर्स सेवा निगम की व्यवस्था से कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बढ़े मानदेय के साथ ईपीएफ-ईएसआईसी का लाभ
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि 19 सितंबर 2025 के शासनादेश के आधार पर आउटसोर्स कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निगम का गठन किया गया है। इसके तहत कर्मचारियों को बढ़े हुए मानदेय के साथ ईपीएफ, ईएसआईसी, चिकित्सा सुविधा, प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों से जुड़ी सूचनाओं और मानव संसाधन प्रबंधन की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इससे आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
सफाई कर्मियों को सुरक्षा किट का वितरण
बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट वितरित की गईं। अधिकारियों ने कहा कि सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता में है।
निर्माण श्रमिकों को भी मिला योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की गई। मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना तथा कन्या विवाह सहायता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र दिए गए।
इसके अलावा निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के तहत भी लाभार्थियों को सहायता राशि के डमी चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम में 12 लाभार्थियों को 5.25 लाख रुपये तथा 2.25 लाख रुपये की दर से डमी चेक वितरित किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, कुल 38 लाभार्थियों को 57.15 लाख रुपये की सहायता से लाभान्वित किया गया।
श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने का दावा
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं का उद्देश्य कामगारों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा के साथ सामाजिक संरक्षण उपलब्ध कराना है। वहीं, यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत को प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन प्रबंधन में सुधार और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम बताया गया।
ये रहे मौजूद
आईएमए हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज, भाजपा आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, भाजपा महानगर जिलाध्यक्ष अधीर सक्सेना, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर जिलाधिकारी नगर अविनाश त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त, सहायक श्रमायुक्त, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और लाभार्थी मौजूद रहे।