₹2.41 करोड़ की फर्जी ITC का खुलासा, फर्जी GST फर्म के जरिए करोड़ों की बिलिंग का आरोपी गिरफ्तार

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₹2.41 करोड़ की फर्जी ITC का खुलासा, फर्जी GST फर्म के जरिए करोड़ों की बिलिंग का आरोपी गिरफ्तार

विजन ट्रेडर्स के नाम पर बिना माल की आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस से ITC हासिल करने और ट्रांसफर करने का आरोप, भोजीपुरा पुलिस ने वांछित मुताहिर अली को दबोचा

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बरेली। फर्जी जीएसटी फर्म के नाम पर बिना वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त किए करोड़ों रुपये की बिलिंग कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की जांच में ₹2,41,32,710.62 की फर्जी ITC प्राप्त करने और हस्तांतरित करने का मामला सामने आने के बाद भोजीपुरा पुलिस ने इस मामले में वांछित आरोपी मुताहिर अली को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से मोटरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस और राज्य कर विभाग अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटे हैं।

घोषित पते पर नहीं मिली फर्म, जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

राज्य कर विभाग, खंड-05 बरेली की ओर से विजन ट्रेडर्स (GSTIN-09XPA7965C1Z8) के खिलाफ भोजीपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। विभागीय जांच में फर्म के पंजीकृत व्यवसाय स्थल का भौतिक सत्यापन किया गया, लेकिन वहां फर्म का वास्तविक संचालन नहीं पाया गया।

जांच के दौरान जीएसटी पोर्टल के रिकॉर्ड, दस्तावेजों, सर्वे और लेन-देन के आंकड़ों का मिलान किया गया। इसमें बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के कथित तौर पर फर्जी चालान तैयार कर बिलिंग करने और उसके आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लेन-देन किए जाने की जानकारी सामने आई।

इसी आधार पर 23 फरवरी 2026 को भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 112/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 316(2), 338, 336(3) और 340(2) के तहत कार्रवाई शुरू की थी।

मामले में मुताहिर अली को वांछित आरोपी बनाया गया था।

अभयपुर तिराहे पर पुलिस ने घेरकर पकड़ा

वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम लगातार संदिग्ध स्थानों पर चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक सितंबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित मुताहिर अली अभयपुर तिराहे पर मौजूद है और वहां से कहीं जाने की तैयारी में है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को गिरफ्तारी का कारण बताया गया और नियमानुसार रात करीब 9:40 बजे उसे हिरासत में लिया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

पूछताछ में सामने आया फर्जी फर्मों का नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारी दिए जाने की बात कही है। पुलिस के अनुसार मुताहिर अली ने बताया कि वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात मुरादाबाद निवासी मुबारक खां उर्फ उमेर से हुई थी। इसके बाद उसकी पहचान मुबारक खां के भाई मुताहिर खां उर्फ उजैर से भी हुई।

आरोपी के मुताबिक दोनों ने उसे इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़ा होने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसके नाम पर MA Traders नाम की फर्म पंजीकृत कराई गई। फर्म के पंजीकरण में उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और ई-मेल का इस्तेमाल किया गया।

हालांकि आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने MA Traders के नाम से कोई बैंक खाता स्वयं नहीं खुलवाया था।

भाइयों के दस्तावेजों से दो और फर्में कराने का आरोप

पुलिस के मुताबिक इसके बाद मुबारक खां उर्फ उमेर, मुताहिर खां उर्फ उजैर और अख्तर रसूल पुत्र गुलाम रसूल ने आरोपी से दो अन्य फर्में पंजीकृत कराने के लिए कहा।

आरोपी के अनुसार उसे बताया गया कि इन फर्मों के जरिए मसाला और ड्राई फ्रूट का कारोबार किया जाएगा। इसके बाद उसने अपने भाइयों मुशफिक अली और मुजाहिद अली के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और फोटो उपलब्ध कराए।

इन दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर मुशफिक अली के नाम से विजन ट्रेडर्स और मुजाहिद अली के नाम से मिनहा इंटरप्राइजेज पंजीकृत कराई गईं।

यूजर आईडी-पासवर्ड दूसरों के पास, OTP लेकर चलता था काम

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि तीनों फर्मों की जीएसटी यूजर आईडी, पासवर्ड और दूसरे जरूरी दस्तावेज संबंधित लोगों ने अपने पास रखे थे।

जब भी जीएसटी संबंधी किसी प्रक्रिया के लिए OTP की जरूरत पड़ती थी, उससे OTP मांगा जाता था। आरोपी के मुताबिक वह अपने भाई से OTP लेकर संबंधित लोगों को उपलब्ध करा देता था।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में मुशफिक अली के पास जीएसटी विभाग का नोटिस पहुंचने के बाद पूरे मामले की जानकारी हुई। आरोपी के मुताबिक शिकायत किए जाने पर संबंधित लोगों ने मामले को निपटाने का भरोसा दिया था।

फर्जी इनवॉइस और ITC ट्रांसफर की जानकारी होने का दावा

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फर्मों के बैंक खातों में होने वाले लेन-देन, फर्जी इनवॉइस तैयार करने और किस फर्म के नाम पर ITC पास की जा रही थी, इसकी जानकारी कथित तौर पर मुबारक खां उर्फ उमेर, मुताहिर खां उर्फ उजैर और अख्तर रसूल को थी।

हालांकि इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच का विषय है और मामले में आगे की विवेचना जारी है।

मोबाइल से कराया गया GST पंजीकरण, करोड़ों की बिलिंग का आरोप

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 18 सितंबर 2020 को उसके मोबाइल फोन के जरिए उसके भाई के नाम से विजन ट्रेडर्स का GST पंजीकरण कराया गया था।

पंजीकरण के दौरान उसके भाई का मोबाइल नंबर दर्ज किया गया था और OTP के लिए उससे दो-तीन बार संपर्क किया गया।

आरोपी के अनुसार विजन ट्रेडर्स के नाम पर वास्तविक कारोबार या माल की आपूर्ति किए बिना करोड़ों रुपये की बिलिंग की गई और उसके आधार पर फर्जी ITC का लेन-देन किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि इस कथित कारोबार से मिलने वाली रकम या कमीशन संबंधित लोगों के बीच बांटा जाता था और उसे भी नकद धनराशि दिए जाने की बात कही गई है।

₹2.41 करोड़ से अधिक की ITC ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

राज्य कर विभाग की जांच में सामने आया ₹2,41,32,710.62 का ITC लेन-देन इस मामले की गंभीरता को सामने लाता है। विभाग और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि फर्जी बिलिंग के जरिए कितनी फर्मों को लाभ पहुंचाया गया और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

जांच एजेंसियां फर्जी जीएसटी पंजीकरण, इनवॉइस, बैंक खातों के लेन-देन और ITC के ट्रांसफर से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।

अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है। फर्जी फर्मों के जरिए हुए लेन-देन में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी ITC के नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इसके जरिए किन-किन फर्मों को फायदा पहुंचाया गया।

गिरफ्तार आरोपी

मुताहिर अली पुत्र रफील हसन, उम्र करीब 44 वर्ष, निवासी मकान नंबर 64, मोहल्ला सादात, थाना जहानाबाद, जनपद पीलीभीत।

बरामदगी

एक मोटरोला कंपनी का मोबाइल फोन।

मुकदमा

मु0अ0सं0 112/2026, धारा 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2) BNS, थाना भोजीपुरा, जनपद बरेली।

पुलिस टीम

  • प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर, थाना कैंट, बरेली
  • उपनिरीक्षक सुशील कुमार, थाना भोजीपुरा
  • हेड कांस्टेबल संदीप
  • कांस्टेबल राकेश

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और पूछताछ व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।