आंवला में कांवड़ शिविर पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं का लिया जायजा; बोले- श्रद्धालुओं को नहीं होनी चाहिए कोई परेशानी
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आंवला में कांवड़ शिविर पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं का लिया जायजा; बोले- श्रद्धालुओं को नहीं होनी चाहिए कोई परेशानी
रिपोर्ट/आसिफ अली
बरेली। कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां और निगरानी तेज कर दी है। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने आंवला क्षेत्र में लगाए गए कांवड़ शिविर का अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने शिविर में कांवड़ यात्रियों के ठहरने, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए और व्यवस्था में कमी मिलने पर उसे तत्काल दूर कराया जाए।
अचानक शिविर पहुंचे डीएम, अधिकारियों में मचा हड़कंप
शुक्रवार को डीएम के अचानक कांवड़ शिविर पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता बढ़ गई। डीएम ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ खुद शिविर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने कांवड़ियों के रुकने के स्थान, उपलब्ध सुविधाओं और आने वाले दिनों में संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए की गई तैयारियों को देखा।
डीएम ने अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि यदि अचानक कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो उनके ठहरने और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था किस तरह सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पानी, सफाई और रोशनी की व्यवस्था पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था को लेकर डीएम ने विशेष रूप से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध रहना चाहिए। गर्मी और उमस के बीच श्रद्धालुओं को पानी के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए।
इसके साथ ही शिविर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि कांवड़ शिविर में नियमित रूप से सफाई कराई जाए और कहीं भी कूड़ा जमा न होने दिया जाए। सफाई कर्मियों की सक्रियता बनाए रखने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सफाई व्यवस्था करने को भी कहा गया।
रात के समय कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए प्रकाश व्यवस्था भी परखी गई। डीएम ने शिविर और उसके आसपास पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को रात के समय आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
भीड़ बढ़ने की स्थिति में तैयार रहे प्रशासन
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए डीएम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर और आसपास के मार्गों पर भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमों को पूरी तरह तैयार रखा जाए।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ियों की आवाजाही के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। भीड़ बढ़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने के निर्देश
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविर से संबंधित किसी भी समस्या को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। यदि कोई कमी सामने आती है तो उसका समाधान मौके पर ही कराया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि श्रद्धालुओं को हर जरूरी सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिविर की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने और जरूरत के अनुसार संसाधन बढ़ाने को कहा। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सुरक्षा और सुविधा के साथ संपन्न हो कांवड़ यात्रा
निरीक्षण के बाद डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। शिविरों में पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश, ठहरने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लगातार बेहतर बनाए रखा जाए।
जिलाधिकारी के निरीक्षण से साफ है कि प्रशासन कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं पर नजर रखने और किसी भी समस्या की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि आंवला क्षेत्र से गुजरने वाले कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
