चाइनीज मांझे ने फिर काटी छात्र की गर्दन, बाल-बाल बची जान
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चाइनीज मांझे ने फिर काटी छात्र की गर्दन, बाल-बाल बची जान
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। शहर में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा लोगों की जिंदगी के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। रविवार को सहगल होटल के पास बाइक से रिश्तेदारी में जा रहे 17 वर्षीय छात्र आमीन बेग की गर्दन में अचानक चाइनीज मांझा आकर फंस गया। धारदार मांझे ने उसकी गर्दन को गहराई तक काट दिया और देखते ही देखते छात्र खून से लथपथ हो गया। समय पर मदद और इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
किला क्षेत्र के जसौली निवासी सलीम बेग का 17 वर्षीय बेटा आमीन बेग कक्षा 11 का छात्र है। रविवार को वह बाइक से लीची बाग स्थित रिश्तेदारी में जा रहा था। सहगल होटल के पास पहुंचते ही हवा में लटक रहा चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में फंस गया। बाइक की रफ्तार के कारण मांझा गर्दन में धंसता चला गया। अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे से छात्र घबरा गया और गर्दन से तेजी से खून बहने लगा।
खून से लथपथ छात्र को देख सहमे राहगीर
आमीन को सड़क पर खून से लथपथ देखकर राहगीर दौड़कर उसके पास पहुंचे। लोगों ने सावधानी से गर्दन में फंसा मांझा हटाया और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। गर्दन पर गहरा जख्म देखकर परिवार की हालत खराब हो गई। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। गनीमत रही कि मांझे की धार जानलेवा नस या किसी बड़ी रक्तवाहिका तक नहीं पहुंची।
दो महीने में चार हादसे, फिर भी नहीं थमा खतरा
चाइनीज मांझे से यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर में पिछले करीब दो महीनों में चार लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे पहले 15 जून को श्यामगंज फ्लाईओवर पर गन्ना राज्यमंत्री के भतीजे की गर्दन भी चाइनीज मांझे से कट गई थी। बदायूं रोड निवासी वैभव प्रताप सिंह भी इसकी चपेट में आकर गर्दन पर गंभीर चोट झेल चुके हैं।
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। सड़क पर चलते दोपहिया वाहन चालक हर पल इस अदृश्य खतरे की चपेट में हैं। खासकर फ्लाईओवर और खुले रास्तों पर हवा में लटकता मांझा कभी भी किसी की गर्दन को निशाना बना सकता है।
सवालों के घेरे में कार्रवाई चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक होने के बावजूद यह बाजार और पतंगबाजों तक कैसे पहुंच रहा है, यह बड़ा सवाल है। आखिर इसकी बिक्री कौन कर रहा है और इसकी सप्लाई कहां से हो रही है। आमीन बेग के साथ हुआ हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि यदि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और सप्लाई चेन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो अगली घटना किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।