बरेली में कांवड़ मार्गों पर ‘मिशन शक्ति’ का पहरा, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 49 सहायता केंद्र सक्रिय
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बरेली में कांवड़ मार्गों पर ‘मिशन शक्ति’ का पहरा, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 49 सहायता केंद्र सक्रिय
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की आवाजाही को देखते हुए बरेली रेंज पुलिस ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पहली बार बड़े स्तर पर ‘मिशन शक्ति सहायता केंद्र’ स्थापित किए गए हैं, जहां महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षा, त्वरित पुलिस सहायता, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में बरेली रेंज के चार जिलों में 49 सहायता केंद्र संचालित किए जा चुके हैं, जबकि जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 82 करने की तैयारी है।
महिला सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति सहायता केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय किया गया है। यदि किसी महिला श्रद्धालु के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार, उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार की घटना होती है, तो इन केंद्रों पर तत्काल शिकायत दर्ज कर त्वरित पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा यात्रा के दौरान यदि कोई महिला या बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ जाता है, तो उन्हें सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी मिशन शक्ति टीम निभाएगी।
महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती
सभी सहायता केंद्रों पर प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस टीम हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
हेल्पलाइन की जानकारी भी दी जा रही
मिशन शक्ति सहायता केंद्रों के माध्यम से महिला श्रद्धालुओं को 112, 1090 और 181 जैसी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर इन नंबरों के माध्यम से तत्काल पुलिस और अन्य आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
साइबर अपराधों के प्रति भी किया जा रहा जागरूक
पुलिस केवल सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि महिला श्रद्धालुओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के लिए भी जागरूक कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के ऑनलाइन प्रलोभन या धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
चिकित्सा और अन्य सुविधाओं में भी मिलेगा सहयोग
यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है या किसी महिला को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है, तो मिशन शक्ति सहायता केंद्रों के माध्यम से उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचाने में भी पुलिस सहयोग करेगी।
चार जिलों में इस तरह फैला मिशन शक्ति नेटवर्क
बरेली रेंज के अंतर्गत चारों जिलों में मिशन शक्ति सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में बरेली में 20, बदायूं में 9, शाहजहांपुर में 12 और पीलीभीत में 8 सहायता केंद्र संचालित हैं। पुलिस विभाग का लक्ष्य जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 82 करना है, ताकि पूरे कांवड़ मार्ग पर महिला श्रद्धालुओं को हर आवश्यक सहायता समय पर मिल सके।
सुरक्षा और सेवा दोनों पर विशेष फोकस डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिशन शक्ति सहायता केंद्रों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु पूरी आस्था और विश्वास के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
मुख्य बिंदु कांवड़ यात्रा के लिए चार जिलों में 49 मिशन शक्ति सहायता केंद्र सक्रिय। जल्द बढ़ाकर 82 केंद्र किए जाएंगे। महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती। छेड़छाड़, उत्पीड़न और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता।
खोई महिलाओं और बच्चों को परिजनों से मिलाने की व्यवस्था। हेल्पलाइन 112, 1090 और 181 की जानकारी उपलब्ध। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और अन्य सुविधाओं तक पहुंचाने में भी मिलेगा सहयोग।