जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में भाकियू टिकैत का बरेली कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में भाकियू टिकैत का बरेली कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट/आसिफ अली

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बरेली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों और प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बरेली कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले भर से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर एकत्र होकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपते हुए जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और किसानों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि किसानों की आवाज को लाठी के बल पर दबाने का प्रयास किया जाएगा तो इसका देशभर में विरोध होगा।

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुई घटना ने किसानों में भारी आक्रोश पैदा किया है और इसकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

किसानों ने ज्ञापन में कहा कि लंबे समय से कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सरकार के समक्ष लंबित हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं किया जा रहा है। किसानों ने सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी लागू करने की मांग दोहराई। उनका कहना था कि जब तक MSP को कानून का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल सकेगा।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद की समय पर उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि बुवाई और फसल के महत्वपूर्ण समय पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलती, जिससे खेती प्रभावित होती है।

इसके अलावा मंडियों में किसानों के साथ होने वाले कथित शोषण, तौल में गड़बड़ी और बिचौलियों की भूमिका पर भी चिंता जताई गई। किसानों ने मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की।

भाकियू टिकैत के नेताओं ने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत आपूर्ति के कारण किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कृषि कार्यों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में आवारा पशुओं की समस्या का भी उल्लेख किया गया। किसानों का कहना था कि छुट्टा पशु खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने कहा कि चीनी मिलों द्वारा समय पर भुगतान न किए जाने से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से गन्ना मूल्य का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने और बकाया राशि पर ब्याज दिलाने की मांग की।

भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए तथा किसान हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त कर उसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।

भाकियू टिकैत ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा और जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक संगठन अपना संघर्ष जारी रखेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक तथा तेज किया जाएगा।