बरेली में पार्षद का बड़ा सवाल: GRM स्कूल की दीवार हट गई, लेकिन वार्ड-64 के कथित अतिक्रमणों पर तीन साल से कार्रवाई क्यों नहीं?
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बरेली में पार्षद का बड़ा सवाल: GRM स्कूल की दीवार हट गई, लेकिन वार्ड-64 के कथित अतिक्रमणों पर तीन साल से कार्रवाई क्यों नहीं?
रिपोर्ट/आसिफ अली
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वार्ड-64 के निर्दलीय पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने नगर निगम पर उठाए सवाल, 2023 के नोटिसों का हिसाब मांगा; जलभराव और नाले पर कथित अतिक्रमण को बताया बड़ी समस्या
बरेली। बरेली नगर निगम की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
वार्ड संख्या-64 के निर्दलीय पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने मुख्यमंत्री सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत गुलाब राय मॉन्टेसरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GRM School) की दीवार हटाए जाने के बाद नगर निगम के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनहित में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावशाली संस्थान की दीवार हटाई जा सकती है, तो उनके वार्ड में नाले पर कथित अतिक्रमण के मामलों में वर्षों से कार्रवाई क्यों लंबित है।
पार्षद ने दावा किया कि नगर निगम निर्माण विभाग ने 1 जुलाई 2023 को ऐतिहासिक नाले पर कथित अतिक्रमण के संबंध में कई लोगों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस में सात दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने और अन्यथा निगम द्वारा कार्रवाई कर खर्च वसूलने की चेतावनी भी दी गई थी।
इसके बावजूद आज तक कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं।
तीन साल बाद भी कार्रवाई नहीं, आखिर वजह क्या?
जयप्रकाश राजपूत ने कहा कि यदि नोटिस वास्तव में जारी किए गए थे, तो फिर तीन साल बाद भी कथित अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया। वहीं यदि अतिक्रमण था ही नहीं, तो नोटिस जारी करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने मांग की कि नगर निगम पूरे मामले की स्थिति सार्वजनिक करे ताकि जनता को सच्चाई पता चल सके।
जलभराव की समस्या को बताया सबसे बड़ा मुद्दा
पार्षद का कहना है कि उनके वार्ड में बिना बारिश के भी जलभराव की समस्या बनी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोटेदार वाली गली, ताज टेलर के सामने और स्वामी विवेकानंद पार्क के आसपास जल निकासी प्रभावित रहती है। यदि नालों पर अवरोध रहेगा तो पानी की निकासी संभव नहीं होगी और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
नगर निगम से मांगा जवाब पार्षद ने नगर आयुक्त, जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन से मांग की है कि 1 जुलाई 2023 को जारी नोटिसों की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए।
यदि कथित अतिक्रमण मौजूद है तो नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
यदि अतिक्रमण नहीं है तो इसका प्रमाणित और स्पष्ट उत्तर जनता के सामने रखा जाए।
राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा
जयप्रकाश राजपूत के इस बयान के बाद शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित कराना है।
फिलहाल नगर निगम की ओर से पार्षद द्वारा उठाए गए सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि निगम का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।