लखनऊ कोचिंग अग्निकांड से सबक! जिला अस्पताल में कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र चलाने का लाइव प्रशिक्षण, ADSIC डॉ. रमेश दीक्षित ने एक्सपायरी भी चेक की*

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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड से सबक! जिला अस्पताल में कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र चलाने का लाइव प्रशिक्षण, ADSIC डॉ. रमेश दीक्षित ने एक्सपायरी भी चेक की*

रिपोर्ट/आसिफ अली

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आग लगी तो क्या करेंगे?”: जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी की तैयारी पूरी, हर विभाग के बाहर फायर एक्सटिंग्विशर, डॉ. लक्ष्मीकांत सक्सेना की मौजूदगी में राहुल सिंह ने दिया डेमो, सुरक्षा कर्मियों ने भी सीखा इस्तेमाल*

बरेली: लखनऊ कोचिंग कांड की आगजनी से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। बरेली के जिला चिकित्सालय में आज कर्मचारियों को आग से निपटने का लाइव प्रशिक्षण दिया गया। ADSIC डॉ. रमेश चंद्र दीक्षित और MS डॉ. लक्ष्मीकांत सक्सेना के नेतृत्व में अनंत फायर कंपनी के राहुल सिंह ने सभी स्टाफ को अग्निशमन यंत्र का सही इस्तेमाल सिखाया।

लखनऊ कांड के बाद एक्शन में स्वास्थ्य विभाग, हर विभाग के बाहर फायर एक्सटिंग्विशर
स्वास्थ्य विभाग ने आग से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला अस्पताल में जगह-जगह अग्निशमन यंत्र स्थापित किए गए हैं। आज ओपीडी में डॉ. रमेश चंद्र दीक्षित और हॉस्पिटल मैनेजर पूजा सिंह की उपस्थिति में कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई। बताया गया कि आग लगने की स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर को कैसे इस्तेमाल किया जाता है, पिन कैसे निकाली जाती है, नोजल कैसे चलाया जाता है और आग पर तुरंत कैसे काबू पाया जाता है।

डॉ. रमेश दीक्षित ने खुद चेक की एक्सपायरी, दिए जरूरी निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान ADSIC डॉ. रमेश चंद्र दीक्षित ने अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट को बारीकी से चेक किया और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर विभाग के बाहर लगे यंत्रों की नियमित जांच जरूरी है। एक्सपायरी खत्म होने पर तुरंत रीफिलिंग कराई जाए। कर्मचारियों को अलर्ट रहने और आग लगते ही फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ खुद फायर एक्सटिंग्विशर चलाने की हिदायत दी गई।

सुरक्षा कर्मियों ने भी बढ़-चढ़कर ली ट्रेनिंग
जिला अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सफाई कर्मचारियों के अलावा सुरक्षा कर्मियों ने भी प्रशिक्षण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राहुल सिंह ने प्रैक्टिकल डेमो दिखाकर बताया कि अलग-अलग तरह की आग के लिए कौन सा एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल होगा। कर्मचारियों ने खुद हाथ से यंत्र चलाकर आग बुझाने की प्रैक्टिस की।

MS डॉ. लक्ष्मीकांत सक्सेना: “मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”
MS डॉ. लक्ष्मीकांत सक्सेना ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की जान सबसे कीमती है। लखनऊ की घटना के बाद फायर सेफ्टी को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी कर्मचारियों को समय-समय पर इस तरह का प्रशिक्षण दिया जाता रहेगा ताकि आपात स्थिति में जान बचाई जा सके।