चुनाव की तैयारियों से अपराध नियंत्रण तक, डीआईजी अजय कुमार साहनी ने की समीक्षा, कई थाना प्रभारियों पर जांच के निर्देश

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चुनाव की तैयारियों से अपराध नियंत्रण तक, डीआईजी अजय कुमार साहनी ने की समीक्षा, कई थाना प्रभारियों पर जांच के निर्देश

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर पीलीभीत और शाहजहांपुर के पांच थाना प्रभारी जांच के दायरे में, क्षेत्राधिकारी जलालाबाद से भी मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

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बरेली। बरेली परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय कुमार साहनी ने बरेली परिक्षेत्र के चारों जनपदों के पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में चुनावी तैयारियों, आईजीआरएस के माध्यम से मिलने वाली जनशिकायतों के निस्तारण, गंभीर अपराधों पर कार्रवाई, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था और आगामी त्योहारों की सुरक्षा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं, पुलिस अधीक्षक पीलीभीत और पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर शामिल रहे। डीआईजी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए कि शासन और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए।

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर पांच थाना प्रभारी जांच के घेरे में

बैठक में जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में, गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप किया जाए। केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।

इस मामले में लापरवाही सामने आने पर जनपद पीलीभीत के सुनगढ़ी और माधोटांडा थाना प्रभारियों तथा शाहजहांपुर के जलालाबाद, कलान और तिलहर थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी जलालाबाद से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने को कहा गया है।

डीआईजी ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों की निगरानी केवल थाने के स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जनपद प्रभारी, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नियमित रूप से शिकायतों की समीक्षा करें, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।

आगामी चुनाव को लेकर तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश

आगामी चुनाव के मद्देनजर पुलिस की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। डीआईजी ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया समय से पूरी करने तथा सभी जनपदों में चुनाव सेल गठित करने के निर्देश दिए।

मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ ही पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के ठहरने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने को कहा गया। अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय सीमाओं पर पुलिस बल की तैनाती की स्थिति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा शस्त्र जमा कराने की कार्रवाई में तेजी लाने और लंबित गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) की शत-प्रतिशत तामीला सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं।

हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई

अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने हत्या, लूट, डकैती, नकबजनी और वाहन चोरी जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। महिला संबंधी अपराधों और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने तथा आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाने को कहा गया।

उन्होंने वांछित और पुरस्कार घोषित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करने के साथ ही अपराध से अर्जित संपत्ति के जब्तीकरण की प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे बढ़ाने को कहा गया।

डीआईजी ने सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और डिजिटल पुलिसिंग पर जोर

बैठक में लंबित विवेचनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने सीसीटीएनएस पर 60 और 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले में साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए ई-साक्ष्य ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा ई-समन की समयबद्ध तामीला सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा यक्ष ऐप पर नियमित रूप से शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पुलिस से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्थित और अद्यतन रहें।

महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डीआईजी ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। महिला बीट प्रणाली को मजबूत बनाने और महिला संबंधी अपराधों की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

साइबर अपराधों की समीक्षा के दौरान साइबर हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। डीआईजी ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने तथा पीड़ितों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराध के मामलों में लीन अमाउंट की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलेगा अभियान

सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान के तहत दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सघन प्रवर्तन कार्रवाई करने और आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस स्तर पर नियमित कार्रवाई की जाए और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सोशल मीडिया पर निगरानी और त्योहारों की सुरक्षा के निर्देश

आगामी त्योहारों को देखते हुए डीआईजी ने सभी जनपदों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतर्क निगरानी रखने, भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों का तत्काल खंडन करने तथा किसी भी संवेदनशील स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि आम जनता तक सही और समय पर जानकारी पहुंच सके। इसके साथ ही विस्फोटक सामग्री और पटाखों की बिक्री करने वाले स्थलों की नियमानुसार सघन चेकिंग कराने के निर्देश दिए गए।

डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण और चुनावी तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न होने दी जाए। पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित समीक्षा करते हुए शासन और विभागीय निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।