बरेली महिला महाविद्यालय में विधिक जागरूकता और मिशन शक्ति कार्यक्रम, छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार

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बरेली महिला महाविद्यालय में विधिक जागरूकता और मिशन शक्ति कार्यक्रम, छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार

पॉक्सो अधिनियम, महिला सुरक्षा कानून और हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी; मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का दिया संदेश

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बरेली। वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय, बरेली में बुधवार, 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से विधिक जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन एवं मिशन शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरभि श्रीवास्तव ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस का विशेष सहयोग रहा। मुख्य अतिथि के रूप में अपर सिविल न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी मौजूद रहीं। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार, पैरालीगल वालंटियर्स भुवनेश कुमार, हर्षस्वरूप गंगवार, प्रभा और उत्तर प्रदेश पुलिस की उपनिरीक्षक ज्योति त्यागी सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें छात्राएं

कार्यक्रम में डॉ. सुरभि श्रीवास्तव ने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को समझाते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है, जितनी शारीरिक स्वास्थ्य की। प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार ने युवावस्था में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं से अपनी भावनाओं, तनाव और मानसिक स्थिति के प्रति सजग रहने की अपील की।

पॉक्सो अधिनियम और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

अपर सिविल जज जया प्रियदर्शिनी ने छात्राओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या, उत्पीड़न या अन्याय की स्थिति में छात्राएं चुप रहने के बजाय कानूनी सहायता लें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।

श्रीमती प्रभा ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013 सहित महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े अन्य कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। वहीं प्रो. रंजू राठौर ने लैंगिक भूमिकाओं और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर चर्चा करते हुए बताया कि सामाजिक और लैंगिक अपेक्षाएं महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

112 और 1076 हेल्पलाइन की दी जानकारी

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार ने मानसिक समस्याओं को लेकर समाज में व्याप्त संकोच और कलंक को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक किया।

उत्तर प्रदेश पुलिस की उपनिरीक्षक ज्योति त्यागी ने महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए 112 और 1076 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने छात्राओं को किसी भी आपातकालीन परिस्थिति या उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

आत्मविश्वास से पहचानें अपनी शक्ति

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. नरेंद्र बत्रा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्राओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने का संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक महिला के भीतर मां दुर्गा के समान शक्ति विद्यमान है। जरूरत केवल उसे पहचानने और आत्मविश्वास के साथ उसका उपयोग करने की है।

कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. अन्नू महाजन, डॉ. हिंशिखा यादव और डॉ. अनिल कुमार का सहयोग रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, अपने कानूनी अधिकारों को जानने, महिला सुरक्षा कानूनों और हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने तथा आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त परिवार उपस्थित रहा।