साइबर ठगी से बचने के लिए यूपी पुलिस का अलर्ट, आज ही करें ये 5 काम

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साइबर ठगी से बचने के लिए यूपी पुलिस का अलर्ट, आज ही करें ये 5 काम

साइबर अपराधी हर दिन नए तरीके अपना रहे, यूपी साइबर पुलिस मुख्यालय ने जारी की एडवाइजरी; OTP से लेकर फर्जी APK तक से सावधान रहने की अपील, ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

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बरेली। अक्टूबर को साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाए जाने के बीच उत्तर प्रदेश साइबर पुलिस मुख्यालय ने लोगों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाने के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने लोगों से अपने बैंकिंग, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल खातों की सुरक्षा मजबूत करने के साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की है।
साइबर पुलिस के मुताबिक अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी बैंक खाते, सोशल मीडिया प्रोफाइल और निजी डेटा को खतरे में डाल सकती है। पुलिस ने साइबर सुरक्षा के लिए पांच महत्वपूर्ण कदम उठाने की सलाह दी है।
हर खाते का पासवर्ड अलग और मजबूत रखें
साइबर पुलिस ने कहा है कि सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल किया जाए। यदि किसी वेबसाइट या सेवा से पासवर्ड लीक होने की जानकारी सामने आती है तो उसे तत्काल बदल देना चाहिए। लीक हुए पासवर्ड का दुरुपयोग दूसरे खातों तक पहुंच बनाने के लिए किया जा सकता है।
2FA से बढ़ेगी खाते की सुरक्षा
पुलिस ने सभी महत्वपूर्ण खातों में Two-Factor Authentication (2FA) सक्रिय करने की सलाह दी है। इससे केवल पासवर्ड चोरी हो जाने की स्थिति में भी अपराधी के लिए खाते में प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है।
OTP, PIN और CVV किसी को न बताएं
साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि OTP, ATM PIN, CVV या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। बैंकिंग या सरकारी अधिकारी बनकर फोन करने वाले ठगों से विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। पुलिस ने लोगों को डराकर या दबाव बनाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने वाले मामलों में सतर्क रहने को कहा है।
फर्जी APK और पुराने सॉफ्टवेयर से रहें सावधान
मोबाइल फोन और ऐप्स को समय पर अपडेट करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा है कि ऐप केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। फर्जी APK फाइल या संदिग्ध लिंक के जरिए मोबाइल में खतरनाक सॉफ्टवेयर पहुंचाकर अपराधी OTP, बैंकिंग जानकारी और पैसे चोरी कर सकते हैं। खासतौर पर WhatsApp और सोशल मीडिया ऐप्स को अपडेट रखने की सलाह दी गई है।
सरकारी कार्यालयों को भी विशेष निर्देश
एडवाइजरी में सरकारी कार्यालयों को अपने कंप्यूटर सिस्टम और Windows सिस्टम को तत्काल अपडेट करने तथा महत्वपूर्ण डेटा का ऑफलाइन बैकअप रखने की सलाह दी गई है। साइबर घटना होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत CERT-In को छह घंटे के भीतर रिपोर्ट करने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार एक संक्रमित कंप्यूटर पूरे विभाग के डेटा को प्रभावित कर सकता है।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि ऑनलाइन बैंकिंग, UPI, कार्ड या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से ठगी हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर कॉल करें। साथ ही cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस के मुताबिक शुरुआती समय में शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को संबंधित खातों में फ्रीज कराने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश साइबर पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी इस अलर्ट का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना है।