रक्षाबंधन कार्यक्रम की अव्यवस्था और महिला की मौत पर उठे सवाल, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

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रक्षाबंधन कार्यक्रम की अव्यवस्था और महिला की मौत पर उठे सवाल, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

रिपोर्ट/आसिफ अली

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20 हजार महिलाओं की भीड़ के बीच अफरा-तफरी का मामला गरमाया, अनुमति से लेकर सुरक्षा और मेडिकल व्यवस्था तक जांच की मांग

बरेली। बरेली क्लब मैदान में 27 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़, अफरा-तफरी और एक महिला की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और महिला की मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी के जिला महामंत्री सोनू ठाकुर ने 29 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्यक्रम की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा इंतजाम और महिला की मौत की परिस्थितियों की जांच कराने की मांग की है।

पार्टी की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य लोग पहुंचे थे। समाचार माध्यमों में सामने आई खबरों और वीडियो का हवाला देते हुए कहा गया कि भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी। इस दौरान कई लोगों के बेहोश और घायल होने की बात सामने आई, जबकि एक महिला की मौत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया।

करीब 20 हजार महिलाओं के पहुंचने का दावा, व्यवस्थाओं पर सवाल

शिकायत पत्र में कार्यक्रम में करीब 20 हजार महिलाओं के पहुंचने की खबरों का उल्लेख करते हुए आयोजकों और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी ने पूछा है कि जब कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना थी तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किस स्तर की व्यवस्था की गई थी।

जांच में यह पता लगाने की मांग की गई है कि कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए थे या नहीं। पर्याप्त बैरिकेडिंग, पुलिस बल, स्वयंसेवकों की तैनाती, एंबुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम कितने प्रभावी थे, इसकी भी जांच कराई जाए।

कार्यक्रम की अनुमति और शर्तों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने कार्यक्रम की अनुमति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि आयोजन से पहले पुलिस, प्रशासन, नगर प्रशासन अथवा अन्य संबंधित विभागों से कौन-कौन सी अनुमतियां ली गई थीं, इसकी जांच होनी चाहिए।

इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि आयोजकों को किन शर्तों के आधार पर कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी और क्या आयोजन के दौरान उन सभी शर्तों का पालन किया गया। यदि अनुमति के बिना आयोजन हुआ अथवा अनुमति में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

महिला की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग

पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू कार्यक्रम के दौरान एक महिला की मौत बताया जा रहा है। पार्टी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसे घटना के बाद कितनी देर में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई और किस स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

पत्र में महिला के उपचार से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड, इमरजेंसी रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान सुरक्षित कराने की मांग भी की गई है। पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने के कारणों की भी जांच की मांग की गई है।

हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारण और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका निर्धारण सक्षम जांच और उपलब्ध मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा।

CCTV और मोबाइल वीडियो सुरक्षित कराने की मांग

जनसत्ता दल ने घटना से जुड़े सभी संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित कराने पर भी जोर दिया है। पत्र में कार्यक्रम स्थल के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग, मोबाइल से बनाए गए वीडियो, फोटो, सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित कराने की मांग की गई है।

पार्टी का कहना है कि घटना के वास्तविक क्रम को समझने के लिए मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। इसलिए जांच पूरी होने तक संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना जरूरी है, जिससे बाद में किसी महत्वपूर्ण साक्ष्य के उपलब्ध न होने की स्थिति पैदा न हो।

जाम और यातायात व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की बात भी शिकायत पत्र में उठाई गई है। कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था के चलते विभिन्न मार्गों पर जाम की स्थिति बनने की बात कही गई है।

पार्टी ने यातायात विभाग से रिपोर्ट लेकर यह जांचने की मांग की है कि कार्यक्रम के लिए पहले से कोई ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया था या नहीं। यदि ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग और वाहनों की आवाजाही को लेकर कोई व्यवस्था बनाई गई थी तो उसका कितना पालन हुआ, इसकी भी जांच कराने की मांग की गई है।

घायलों और बेहोश हुए लोगों के बयान दर्ज कराने की मांग

पत्र में कार्यक्रम के दौरान घायल अथवा बेहोश हुए लोगों की पहचान कर उनके बयान दर्ज कराने की मांग भी की गई है। साथ ही संबंधित लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की बात कही गई है।

पार्टी का कहना है कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और प्रभावित लोगों के बयान से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि कार्यक्रम स्थल पर भीड़ किस समय और किस वजह से बेकाबू हुई तथा उस दौरान सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था किस स्थिति में थी।

‘किसी को निशाना बनाना उद्देश्य नहीं, जिम्मेदारी तय हो’

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के जिला महामंत्री सोनू ठाकुर ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना नहीं है। उनका कहना है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि छोटे आयोजनों में यदि अनुमति, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है तो बड़े आयोजनों में भी समान नियम लागू होने चाहिए। यदि जांच में किसी आयोजक, जिम्मेदार व्यक्ति या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री से समयबद्ध जांच की मांग

पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले आयोजकों, संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों अथवा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।

पार्टी ने यह भी मांग की है कि जांच की प्रगति से मृतका के परिजनों और शिकायतकर्ताओं को अवगत कराया जाए, ताकि मामले को लेकर उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक रूप से जवाब सामने आ सके।

29 अगस्त को सौंपा गया पत्र

यह शिकायत पत्र 29 अगस्त 2026 को दिया गया। पत्र में जिला महामंत्री सोनू ठाकुर के अलावा अभिषेक ठाकुर, संजीव पटेल, हरिश कुमार और मोना समेत अन्य लोगों के नाम भी दर्ज हैं। अब देखना होगा कि शासन और प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और प्रस्तावित जांच में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं तथा महिला की मौत से जुड़े तथ्यों को लेकर क्या स्थिति सामने आती है।