शान-ओ-शौकत से निकल रहा है जुलूस-ए-मोहम्मदी
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शान-ओ-शौकत से निकल रहा है जुलूस-ए-मोहम्मदी
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बरेली,पैगम्बर-ए-इस्लाम की 1501 वे यौमे पैदाईश का जश्न अपनी पूरी शान-ओ-शौकत के साथ अपने रिवायती अंदाज में अंजुमन खुद्दामें रसूल के तत्वाधान में दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी) व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) की क़यादत में शुरू हुआ । जुलूस से पूर्व दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां के घर और कोहाड़पीर जुलूस मंच पर उलेमा ने नबी ए करीम की तालीमात और ज़िंदगी पर रौशनी डाली।
कायदे जुलूस हज़रत सुब्हानी मियां ने सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां को और मुफ्ती अहसन मियां ने सुबुर रज़ा को परचम-ए-रिसालत शाम 5.30 बजे सौपकर जुलूस रवाना किया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों कोहाड़ापीर से कुतुबखाना,ज़िला अस्पताल,कुमार सिनेमा,कोतवाली के रास्ते दरगाह हज़रत पहलवान मियां पहुंचा यहां सलामी देने के बाद नावेल्टी चौराहा होते राजकीय इंटर कॉलेज,खलील तिराहा, करोलान,बिहारीपुर ढाल होता हुआ देर रात दरगाह आला हज़रत पहुंचकर खत्म हुआ। जुलूस का रास्तो में हिंदू मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने जगह-जगह फूलों से इस्तकबाल किया। रंग-बिरंगी पोशाक पगड़ी व जुब्बा पहने लोग अंजुमन की शक्ल में सरकार की आमद मरहबा-दिलदार की आमद मरहबा,खुशियां मनाओ सरकार आ गए आदि नारों के साथ चले। सबसे आगे परतापुर जीवन सहाय की अंजुमन रज़ा-ए-मुस्तफा व रेलवे जंक्शन की अंजुमन अनवारे मुस्तफा चली।
जुलूस शुरू होने से पहले स्टेज पर तिलावत-ए-कुरान से आगाज़ मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने किया। नात-ओ-मनकबत का नज़राना पेश किया। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने अपनी तक़रीर में कहा कि हमारे नबी ने अगड़े-पिछड़ों,ऊंच-नीच,काले व गोरे का भेदभाव को खत्म कर सबको बराबरी का दर्जा दिया। जुल्म के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। दुनियावालो को अमन-शांति का पैगाम दिया। आगे कहा कि ये जुलूस नबीरे आला हज़रत हुज़ूर रेहान-ए-मिल्लत की देन है। मुफ्ती अय्यूब खान नूरी,मुफ्ती जमील ने भी खिताब किया। खुसूसी दुआ मुफ्ती आकिल रज़वी ने की। हज़रत सुब्हानी मियां व मुफ़्ती अहसन मियां व सय्यद आसिफ मियां व सभी अंजुमनों के सदर का स्टेज पर पहुँचने के बाद अंजुमन खुद्दामें रसूल के सचिव शान अहमद रज़ा ने दस्तारबंदी कर फूलों से इस्तकबाल किया। अंजुमन खुद्दामे रसूल के सदर सय्यद आसिफ मियां ने जुलूस की व्यवस्था संभालने वालों की दस्तारबंदी कर स्मृति चिन्ह दिया। बाद में मिठाई व लंगर बाटा गया।
नासिर कुरैशी ने बताया कि जुलूस में मुख्य रूप से अंजुमन अनवारे मुस्तफ़ा,अंजुमन ग़ौसुल वरा,अंजुमन आशिकाने रज़ा, अंजुमन जानिसारने रसूल,अंजुम कुर्बान-ए-रसूल,अंजुमन रज़ा-ए-मिल्लत,अंजुमन फैज़ुल कुरान शामिल रही।
जुलूस की व्यवस्था राशिद अली खान,हाजी जावेद खान,अजमल नूरी,ताहिर अल्वी,शाहिद नूरी,परवेज़ नूरी,औररंगज़ेब नूरी,शारिक बरकाती,तारिक सईद,आलेनबी,नईम नूरी,इशरत नूरी,आसिम रज़ा, हाजी राशिद हुसैन,सय्यद माजिद,मंज़ूर रज़ा,मुजाहिद रज़ा,युनुस गद्दी,मोहसिन रज़ा,काशिफ सुब्हानी,मुस्तकीम नूरी,इरशाद रज़ा,साजिद नूरी,सय्यद एजाज़,फारूक खान,नईम नूरी,अशमीर रज़ा,युनुस साबरी,मोहम्मद आसिफ,सुहैल रज़ा,गौहर खान आदि ने संभाली।
जुलूस सकुशल सम्पन्न होने के बाद अंजुमन खुद्दाम रसूल के सदर सय्यद आसिफ मियां व सेकेट्री शान रज़ा ने सभी ज़िला प्रशासन समेत सभी का शुक्रिया अदा किया।
नासिर कुरैशी
9897556434