शाहदाना वली के सालाना उर्स की तैयारियां शुरू, 13 से 19 सितंबर तक चलेगा उर्स
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शाहदाना वली के सालाना उर्स की तैयारियां शुरू, 13 से 19 सितंबर तक चलेगा उर्स
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। हजरत शाहदाना वली की दरगाह पर आयोजित होने वाले सालाना उर्स-ए-पाक को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार को दरगाह परिसर में उर्स का पोस्टर जारी कर आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इस बार सालाना उर्स 13 सितंबर से शुरू होकर 19 सितंबर तक चलेगा। उर्स में बरेली के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद और जायरीन के पहुंचने की उम्मीद है।
दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी उर्फ बब्बू मियां ने बताया कि सरकार शाहदाना वली के सालाना उर्स को लेकर तैयारियों को गति दे दी गई है। उर्स के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कमेटी का गठन कर जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि उर्स में आने वाले जायरीनों की सहूलियत को प्राथमिकता दी जाएगी और व्यवस्थाओं को बेहतर रखने के लिए संबंधित स्तर पर लगातार समन्वय किया जाएगा।
देश-विदेश से पहुंचते हैं शाहदाना वली के अकीदतमंद
दरगाह के मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि हजरत शाहदाना वली से अकीदत रखने वाले लोग बड़ी संख्या में उर्स में शामिल होने के लिए बरेली पहुंचते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ ही विदेशों में रहने वाले अकीदतमंद भी उर्स के दौरान दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचते हैं। ऐसे में जायरीनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन से समय रहते सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कराने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान दरगाह और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। इसलिए यातायात, सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है, ताकि दूर-दराज से आने वाले जायरीनों को किसी तरह की परेशानी न हो।
उर्स से पहले सड़कों की मरम्मत कराने की मांग
दरगाह कमेटी की ओर से पुलिस और प्रशासन से उर्स से पहले दरगाह क्षेत्र की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की मांग की गई है। कमेटी ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही दरगाह और आसपास के इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग रखी है।
इसके अलावा बिजली की निर्बाध आपूर्ति और पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। दरगाह के आसपास खराब पड़ी सड़कों की मरम्मत कराने की मांग भी उठाई गई है, ताकि उर्स के दौरान पैदल और वाहनों से आने वाले जायरीनों को आवागमन में परेशानी न हो।
श्यामगंज पुल के नीचे खराब लाइटें बदलने की मांग
दरगाह कमेटी ने श्यामगंज पुल के नीचे खराब पड़ी मरकरी लाइटों को भी जल्द बदलवाने की मांग की है। कमेटी का कहना है कि उर्स के दौरान रात के समय भी बड़ी संख्या में जायरीनों की आवाजाही होती है। ऐसे में प्रमुख मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था बेहद जरूरी है।
कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि उर्स शुरू होने से पहले सड़क, प्रकाश, सफाई, पेयजल और सुरक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कमियों को दूर कराया जाए।
उर्स को लेकर कमेटी ने शुरू की तैयारियां
उर्स के दौरान आने वाले जायरीनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दरगाह कमेटी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। कमेटी की ओर से उम्मीद जताई गई है कि प्रशासन और संबंधित विभागों के सहयोग से उर्स के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पोस्टर विमोचन में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
उर्स के पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में दरगाह से जुड़े पदाधिकारियों, अकीदतमंदों और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। इस दौरान वसी अहमद वारसी, यूसुफ इब्राहिम, गफूर पहलवान, मिर्जा शाहाब बेग, तौसीफ खां, मौलाना अला उद्दीन नूरी, अकरम अली वारसी, अब्दुल सबूर, शीरोज सैफ कुरैशी, शान खां, सईद खां, मुकर्रम बेग, सलमान शम्शी, परवेज खां, जावेद खां, गुल्लन खान, भूरा साबरी, सलीम रजा और अदनान खां समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में उर्स की तैयारियों को और तेज किया जाएगा। 13 से 19 सितंबर तक चलने वाले सालाना उर्स-ए-पाक में बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने को देखते हुए दरगाह और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।