नोमेहल्ला शरीफ के सज्जादानशीन ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी का इंतकाल, अकीदतमंदों में शोक
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नोमेहल्ला शरीफ के सज्जादानशीन ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी का इंतकाल, अकीदतमंदों में शोक
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। शहर की प्रसिद्ध दरगाह नासिर मियां नोमेहल्ला शरीफ के साहिब-ए-सज्जादा अलहाज ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी का शुक्रवार तड़के इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही दरगाह से जुड़े अकीदतमंदों, मुरीदों और अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दीदार के लिए नोमेहल्ला शरीफ स्थित दरगाह परिसर पहुंचने लगे।
बताया गया कि ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी तबीयत खराब होने के बाद परिजनों ने उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के उनकी हालत बिगड़ी और उन्होंने अंतिम सांस ली।
इंतकाल की खबर से दरगाह परिसर में पसरा मातम
सज्जादानशीन के इंतकाल की खबर जैसे ही अकीदतमंदों तक पहुंची, लोग बड़ी संख्या में दरगाह की ओर रवाना होने लगे। उनके निधन से दरगाह से जुड़े लोगों और अनुयायियों में गहरा दुख है। कई अकीदतमंदों ने उनके निधन को बड़ी क्षति बताते हुए उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत की।
ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी दरगाह नासिर मियां नोमेहल्ला शरीफ की रूहानी और धार्मिक परंपराओं से जुड़े हुए थे। सज्जादानशीन के रूप में वह दरगाह से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों और अकीदतमंदों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे।
शुक्रवार रात दरगाह परिसर में होगा सुपुर्द-ए-खाक
परिजनों के अनुसार, ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी के शव का सुपुर्द-ए-खाक शुक्रवार रात नोमेहल्ला मस्जिद स्थित दरगाह नासिर मियां परिसर में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और अनुयायियों के पहुंचने की संभावना है।
उनके इंतकाल की सूचना के बाद दरगाह परिसर में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। आसपास के क्षेत्रों से भी उनके मुरीद और चाहने वाले अंतिम दीदार के लिए पहुंच रहे हैं। परिवार और दरगाह से जुड़े लोगों की ओर से अंतिम रसूमात की तैयारियां की जा रही हैं।
लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे
परिजनों के मुताबिक, ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी की तबीयत पिछले काफी समय से खराब थी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की ओर से उनका उपचार किया जा रहा था, लेकिन शुक्रवार तड़के उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
उनके निधन की खबर से परिवार में भी मातम का माहौल है। अकीदतमंद लगातार परिवार से संपर्क कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं और दिवंगत सज्जादानशीन के लिए दुआ कर रहे हैं।
अकीदतमंदों में गहरा दुख
नोमेहल्ला शरीफ की दरगाह से जुड़े अकीदतमंदों का कहना है कि ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी के इंतकाल से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। उनके निधन को दरगाह और उससे जुड़े अकीदतमंदों के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
शुक्रवार को दरगाह परिसर में उनके अंतिम दीदार और सुपुर्द-ए-खाक में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इस दौरान दूर-दराज से आने वाले अकीदतमंद भी उनके अंतिम दीदार में शामिल होंगे।
दरगाह परिसर में जुटने लगे लोग
इंतकाल की खबर फैलने के बाद नोमेहल्ला शरीफ स्थित दरगाह नासिर मियां में लोगों की आवाजाही बढ़ गई। अकीदतमंद अपने मरहूम सज्जादानशीन के लिए दुआ कर रहे हैं। दरगाह से जुड़े लोगों और अनुयायियों के बीच उनके साथ बिताए समय और धार्मिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी साबरी के निधन से बरेली के धार्मिक और रूहानी हलकों में भी शोक का माहौल है। उनके अंतिम दीदार और सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
इंतकाल की खबर के बाद अकीदतमंदों में गम का माहौल है और हर ओर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत की जा रही है।