सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रुपये लौटाने के बाद भी पुलिस करेगी धमकी के आरोप की जांच

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सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रुपये लौटाने के बाद भी पुलिस करेगी धमकी के आरोप की जांच

रिपोर्ट/आसिफ अली

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बरेली में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप से जुड़े रुपये लेने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को दिए अपने ताजा बयान में कहा है कि शिवचरन कश्यप ने उससे लिए गए 1.20 लाख रुपये वापस कर दिए हैं। हालांकि, रुपये वापस किए जाने के बाद भी सपा नेता की मुश्किलें पूरी तरह खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। पुलिस अब महिला को कथित रूप से जान से मारने की धमकी देने के आरोप की भी जांच करेगी।

दुर्घटना के मुकदमे में मदद के नाम पर रुपये लेने का आरोप मामला बरेली के कैंट थाना क्षेत्र से जुड़ा है। शांति विहार निवासी महिला शीतल ने पहले पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि कांधरपुर निवासी सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने उसके भाई हर्ष को दुर्घटना से जुड़े मुकदमे में बचाने और मामले को रफादफा कराने के नाम पर उससे 1 लाख 20 हजार रुपये लिए थे।

महिला के मुताबिक, उसे पुलिस कार्रवाई और जेल जाने का डर दिखाकर रकम देने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में महिला ने खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताते हुए कहा था कि उसने 70 हजार रुपये के आभूषण गिरवी रखे थे, जबकि बाकी 50 हजार रुपये रिश्तेदारों से लेकर जुटाए थे।

महिला का आरोप था कि 16 जुलाई की शाम करीब छह बजे उसने शिवचरन कश्यप के आवास पर पहुंचकर पूरी रकम दी थी।

रकम वापस मांगने पर टालमटोल का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये देने के बाद जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो शुरुआत में उसे टालमटोल किया गया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और महिला ने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

मामले में उस समय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि, अब शिकायतकर्ता महिला के नए बयान के बाद पूरे प्रकरण में एक नया मोड़ आ गया है।

थाने में तहरीर देने के बाद वापस किए रुपये
महिला ने पुलिस को दिए अपने ताजा बयान में कहा है कि जब उसने थाने में शिकायत दी तो इसके बाद शिवचरन कश्यप ने उसे बुलाया और पूरी 1.20 लाख रुपये की रकम वापस कर दी।

बताया जा रहा है कि रुपये लौटाते समय वीडियो भी बनाया गया। महिला के अनुसार, उसे यह भी कहा गया कि वह इस मामले में आगे कहीं कुछ न करे। यही बिंदु अब पुलिस की जांच का अहम हिस्सा बन गया है।

रुपये लौटाने के बाद भी क्यों बढ़ सकती हैं मुश्किलें? पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि महिला से रकम वास्तव में किस परिस्थिति में ली गई थी और उसे वापस क्यों किया गया। पुलिस का मानना है कि शिकायतकर्ता द्वारा रकम वापस मिलने की बात कहे जाने से मामले में रुपये के लेन-देन का तथ्य जांच के दायरे में बना हुआ है।
इसके साथ ही महिला ने अपनी पहली शिकायत में सपा नेता पर रकम वापस मांगने के दौरान जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया था।

अब पुलिस इस आरोप की भी जांच करेगी।
कैंट थाने के एसएसआई मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस शिकायत, महिला के पुराने और नए बयानों, रुपये के लेन-देन तथा उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाएगी।

बयान बदलने के बाद पुलिस की जांच पर नजर
इस पूरे मामले में महिला के बयान में आए बदलाव को भी पुलिस गंभीरता से देख रही है। पहले महिला ने रुपये लेने और धमकी देने का आरोप लगाया था, जबकि अब उसने कहा है कि पुलिस को तहरीर देने के बाद उसे पूरी रकम वापस मिल गई।

पुलिस के सामने अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि शुरुआती शिकायत किन परिस्थितियों में दी गई थी और बाद में बयान बदलने की वजह क्या रही। साथ ही रुपये लौटाने के दौरान बनाए गए कथित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

सपा नेता पर पहले भी दर्ज हो चुकी हैं एफआईआर
शिवचरन कश्यप का नाम इससे पहले भी विवादों में रहा है। उनके खिलाफ छात्रा पर गाड़ी चढ़ाने और फायरिंग से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज होने का भी उल्लेख सामने आया है। ऐसे में रुपये लेने और धमकी के आरोप से जुड़े इस नए मामले ने उनकी राजनीतिक मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि, किसी भी आरोप को अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाता है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किन धाराओं के तहत आगे कार्रवाई बनती है।

एसपी सिटी ने कहा- निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले को लेकर एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि 1.20 लाख रुपये का लेन-देन किन परिस्थितियों में हुआ, महिला ने पहले लगाए गए आरोपों के बाद अपना बयान क्यों बदला और धमकी देने के आरोप में कितनी सच्चाई है।