बरेली में विकास कार्यों पर BDA की सख्ती,उपाध्यक्ष ने किया रामगंगा नगर का निरीक्षण, लापरवाही पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
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बरेली में विकास कार्यों पर BDA की सख्ती,उपाध्यक्ष ने किया रामगंगा नगर का निरीक्षण, लापरवाही पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
रिपोर्ट/आसिफ अली
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की उपाध्यक्ष ने शनिवार को रामगंगा नगर आवासीय योजना सहित प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सड़क, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क, विद्युत व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं ठेकेदार मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने रामगंगा नगर आवासीय योजना, बीडीए कार्यालय, नवीन कार्यालय परिसर, सेक्टर-01ए, ब्रह्मपुत्र इन्क्लेव, सेक्टर-06, सेक्टर-07 स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र, सेक्टर-08 के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं लाइब्रेरी, सेक्टर-09 के कन्वेंशन हॉल, सेक्टर-11 तथा ग्रेटर बरेली क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
33 केवी सबस्टेशन की व्यवस्था जांची
सेक्टर-07 स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, ट्रांसफॉर्मर, केबल नेटवर्क, विद्युत उपकरणों के अनुरक्षण, सुरक्षा मानकों और परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी उपकरणों का नियमित परीक्षण एवं समय पर मरम्मत कराकर निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।सड़क, सीवर और जल निकासी पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान सड़कों की गुणवत्ता, इंटरलॉकिंग, नालियों की सफाई, सीवर लाइन, पेयजल पाइपलाइन, ड्रेनेज व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पार्क, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक भवनों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। जहां सड़कें क्षतिग्रस्त, नालियों में सिल्ट, स्ट्रीट लाइट बंद या जल निकासी में बाधा जैसी कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधार कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।दो साल तक ठेकेदार रहेगा जिम्मेदार उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण के प्रत्येक निर्माण कार्य पर दो वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि लागू है। इस अवधि में यदि सड़क धंसती है, निर्माण में दरार आती है, रिसाव या अन्य तकनीकी खामी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर उसका तत्काल सुधार कराना होगा।
लापरवाही पर होगी ब्लैकलिस्टिंग उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि किसी ठेकेदार ने सुधार कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब किया तो संविदा की शर्तों के अनुसार नोटिस जारी कर सुरक्षा निधि जब्त करने, ब्लैकलिस्ट करने, अनुबंध समाप्त करने, आर्थिक दंड लगाने सहित अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियंताओं की भी तय होगी जिम्मेदारी
उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे केवल आदेश जारी करने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें। यदि किसी क्षेत्र में कमी मिलने के बावजूद समय पर सुधार नहीं कराया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नागरिक सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
उपाध्यक्ष ने सभी अभियंताओं को नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण कर सड़क, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाओं की निगरानी करने तथा जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कॉलोनियों में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।
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