बरेली में बड़ा हादसा टला: DM कार्यालय के बाहर परिवार ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश, स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
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बरेली में बड़ा हादसा टला: DM कार्यालय के बाहर परिवार ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश, स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
रिपोर्ट/आसिफ अली
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बरेली। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम कार्यालय में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मीरगंज थाना क्षेत्र के खमरिया सनी गांव निवासी एक व्यक्ति अपनी पत्नी और सात वर्षीय बेटी के साथ फरियाद लेकर पहुंचा और कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास कर दिया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों की सतर्कता से समय रहते परिवार को रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सरकारी रास्ते पर कब्जे का आरोप, वर्षों से न्याय की गुहार पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के सरकारी रास्ते पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया है। कई बार स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद रास्ता कब्जामुक्त नहीं कराया गया। उनका कहना है कि रास्ते पर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, पशु बांध दिए जाते हैं और लकड़ियां रखकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया जाता है।
परिवार का दावा है कि इस विवाद को लेकर पहले समझौता भी कराया गया था, लेकिन कुछ समय बाद फिर रास्ता बंद कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में भी पुलिस बल की मौजूदगी में समाधान कराए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
आखिर लोग आत्मदाह जैसे कदम उठाने पर क्यों मजबूर हो रहे हैं?
यह घटना एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यदि शिकायतों पर स्थानीय स्तर पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो क्या एक परिवार को अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इतना बड़ा कदम उठाने की नौबत आती?
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि कई मामलों में फरियादियों को स्थानीय स्तर पर राहत नहीं मिल पाती, जिसके बाद वे अपनी जान जोखिम में डालकर उच्च अधिकारियों के सामने गुहार लगाने को मजबूर हो जाते हैं।
दो दिन में दूसरी घटना, बढ़ी प्रशासन की चिंता
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी बरेली के एसएसपी कार्यालय में एक व्यक्ति द्वारा आत्मदाह के प्रयास की घटना सामने आई थी। लगातार हो रहे ऐसे प्रयास प्रशासनिक व्यवस्था और शिकायत निस्तारण प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने घटना के बाद पुलिस ने परिवार को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी आत्मदाह का प्रयास किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाओं का सामने आना इस बात का संकेत जरूर है कि शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। यदि किसी मामले में स्थानीय स्तर पर लापरवाही हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करना भी प्रशासन की जवाबदेही का हिस्सा होना चाहिए।