महिला की मौत के बाद यूनिसन हॉस्पिटल सीज,स्वास्थ्य विभाग को जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

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महिला की मौत के बाद यूनिसन हॉस्पिटल सीज,स्वास्थ्य विभाग को जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

रिपोर्ट /आसिफ अली

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बरेली /बहेड़ी नगर के बाईपास स्थित यूनिसन हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गठित टीम ने जांच के दौरान कई मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताएं पाईं। इसके बाद डिप्टी सीएमओ ने पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया।

ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी हालत, देर रात हुई मौत
जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिपरिया रंजीत निवासी 33 वर्षीय गीता पत्नी राजपाल को बच्चेदानी में गांठ की शिकायत थी। परिजन उन्हें ऑपरेशन के लिए बाईपास स्थित यूनिसन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई।

परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने सही तरीके से इलाज नहीं किया। उनका आरोप है कि हालत गंभीर होने पर संबंधित डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

अस्पताल में हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
महिला की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए।
आक्रोशित लोगों ने परिसर में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।

स्वास्थ्य विभाग की जांच में मिलीं खामियां
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में कई आवश्यक मानकों की अनदेखी, उपकरणों और दस्तावेजों में कमियां तथा नियमों का उल्लंघन सामने आया।

डिप्टी सीएमओ अमित कुमार ने कस्बा चौकी प्रभारी शिव कुमार शर्मा और पुलिस टीम की मौजूदगी में अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अवैध अस्पतालों पर सख्ती की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने आरोपित डॉक्टर और अस्पताल संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की मांग भी उठी है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।