बरेली में सामूहिक विवाह समारोह की धूम, 922 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ; नौ केंद्रों पर गूंजी शहनाइयां

0 16

- Advertisement -

बरेली में सामूहिक विवाह समारोह की धूम, 922 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ; नौ केंद्रों पर गूंजी शहनाइयां

बरेली कॉलेज मैदान में सबसे बड़ा आयोजन, 452 जोड़ों ने लिए सात फेरे; नवदंपतियों को गृहस्थी शुरू करने के लिए दिए गए उपहार

- Advertisement -

बरेली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बुधवार को बरेली जिले में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। शहनाइयों की गूंज, मंगलगीतों और वैवाहिक रस्मों के बीच 922 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। अलग-अलग परिवारों से आए दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई जिंदगी की शुरुआत की। जिले में एक साथ नौ स्थानों पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। समारोह में शामिल होने वाले नवदंपतियों के परिजनों और मेहमानों के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। विभिन्न केंद्रों पर करीब पांच हजार मेहमानों के शामिल होने की व्यवस्था की गई।

समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना है। सामूहिक विवाह के माध्यम से एक ही दिन में सैकड़ों जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। आयोजन स्थलों पर विवाह की रस्में पूरी कराने के साथ नवदंपतियों के स्वागत, भोजन और उपहार वितरण की व्यवस्थाएं भी की गईं।

बरेली कॉलेज मैदान बना मुख्य आयोजन केंद्र, 452 जोड़ों का विवाह

जिले में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों में बरेली कॉलेज मैदान सबसे बड़ा केंद्र रहा। यहां कुल 452 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। बड़ी संख्या में जोड़ों और उनके परिजनों की मौजूदगी के चलते मैदान में व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई थीं। विवाह की रस्मों के दौरान परिवारों में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की।

इसके अलावा मीरगंज के श्रीराम बरात घर में 111 जोड़ों और फरीदपुर के आश्रम सत्संग भवन में 97 जोड़ों का विवाह कराया गया। भुता ब्लॉक परिसर में 25 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे, जबकि क्यारा क्षेत्र स्थित राधा रानी रिसॉर्ट में 20 जोड़ों ने सात फेरे लिए। जिले के अन्य निर्धारित केंद्रों पर भी कार्यक्रम आयोजित कर विवाह की रस्में पूरी कराई गईं।

एक पुरोहित को 11 जोड़ों के विवाह की जिम्मेदारी

समारोह में बड़ी संख्या में विवाह संपन्न कराए जाने को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। विवाह की रस्में निर्धारित समय पर पूरी कराने के लिए पुरोहितों की जिम्मेदारियां तय की गई थीं। व्यवस्था के तहत एक पुरोहित को 11 जोड़ों का विवाह संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

आयोजन स्थलों पर जोड़ों के विवाह की रस्में पूरी कराने के साथ अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गईं, ताकि समारोह में शामिल होने वाले परिवारों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभागीय स्तर पर कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए इंतजाम किए गए थे।

नवदंपतियों को दिए गए उपहार, भोजन की भी व्यवस्था

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत विवाह करने वाले नवदंपतियों को गृहस्थी की शुरुआत के लिए उपहार प्रदान किए गए। इसका उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को नए जीवन की शुरुआत में सहयोग देना है। समारोह में शामिल होने आए परिजनों और मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।

विवाह की रस्मों के दौरान परिजनों ने अपने बच्चों को सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया। कहीं मंगलगीत गूंजे तो कहीं विवाह की पारंपरिक रस्मों के बीच परिवारों ने खुशियां साझा कीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस तरह के आयोजन विवाह से जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरा करने में मददगार साबित होते हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने की पहल

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का प्रमुख उद्देश्य पात्र परिवारों को बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना और विवाह समारोह को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। योजना के तहत सामूहिक आयोजन होने से पात्र परिवारों को एक ही स्थान पर विवाह संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

बरेली जिले में नौ केंद्रों पर 922 जोड़ों का विवाह संपन्न होना इस आयोजन के व्यापक स्तर को दर्शाता है। कार्यक्रम के माध्यम से नवदंपतियों ने अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। समारोह में विवाह की परंपराओं, पारिवारिक खुशियों और सरकारी योजना के लाभ को एक साथ देखने का अवसर मिला।