रक्षाबंधन पर बरेली में उमड़ा यात्रियों का सैलाब, बस अड्डों से रेलवे स्टेशन तक अफरा-तफरी; सीट के लिए जद्दोजहद
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रक्षाबंधन पर बरेली में उमड़ा यात्रियों का सैलाब, बस अड्डों से रेलवे स्टेशन तक अफरा-तफरी; सीट के लिए जद्दोजहद
रिपोर्ट /आसिफ अली
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बरेली। रक्षाबंधन के पर्व पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए घरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ ने शहर की परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया। गुरुवार को बरेली के सेटेलाइट और पुराने बस अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशन तक यात्रियों की जबरदस्त भीड़ दिखाई दी। रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू होने के बाद बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। बस आते ही उसमें चढ़ने और सीट हासिल करने के लिए यात्रियों में होड़ मच गई।
सुबह से ही बस अड्डों पर बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चों और सामान के साथ पहुंचने लगी थीं। निशुल्क यात्रा की सुविधा के चलते महिला यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी अधिक रही। बसों की उपलब्धता के बावजूद कई रूटों पर यात्रियों की भीड़ के आगे व्यवस्था कम पड़ती दिखाई दी। बस में जगह बनाने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार भीड़ के कारण धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई।
मुफ्त यात्रा ने बढ़ाया बस अड्डों पर दबाव
रक्षाबंधन को लेकर रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था गुरुवार सुबह छह बजे से शुरू हुई। इसके बाद सेटेलाइट और पुराने बस अड्डे पर यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी। पीलीभीत, शाहजहांपुर समेत कई प्रमुख रूटों पर यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ा।
बस के पहुंचते ही यात्री पहले चढ़ने के प्रयास में जुट जाते। महिलाओं के साथ छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भीड़ के बीच बस में चढ़ने में काफी परेशानी हुई। कई यात्रियों को एक बस छूटने के बाद अगली बस का इंतजार करना पड़ा।
बच्चों को लेकर महिलाओं की बढ़ी चिंता
भीड़ के बीच सबसे ज्यादा परेशानी उन महिलाओं को हुई जो छोटे बच्चों के साथ सफर कर रही थीं। कई महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर भीड़ के बीच बस तक पहुंचती नजर आईं। कुछ स्थानों पर अभिभावक बच्चों को खिड़की के रास्ते सीट तक पहुंचाने की कोशिश करते दिखाई दिए।
बसों के अंदर और बाहर यात्रियों की भीड़ के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। सुबह से शुरू हुआ यात्रियों का दबाव देर रात तक बना रहने की स्थिति रही। वहीं, बस अड्डों पर सफाई व्यवस्था को लेकर भी यात्रियों में नाराजगी दिखाई दी। जगह-जगह गंदगी और भीड़ ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
अतिरिक्त बसें चलाने का दावा
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम की ओर से अतिरिक्त बसों का संचालन कराया गया। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद अजीम ने बताया कि भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं। बस अड्डों की व्यवस्था पर नजर रखने के लिए टीमें सक्रिय की गई हैं और कर्मचारियों को यात्रियों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे स्टेशन पर भी पैर रखने की जगह नहीं
रोडवेज बस अड्डों के साथ बरेली जंक्शन पर भी रक्षाबंधन की भीड़ का असर साफ दिखाई दिया। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से प्लेटफार्मों पर भी भारी भीड़ रही। ट्रेनों के जनरल कोच यात्रियों से पूरी तरह भरे नजर आए।
राज्यरानी, त्रिवेणी, इंटरसिटी, आला हजरत, बरेली-प्रयाग, बरेली-वाराणसी और बरेली-दिल्ली समेत कई ट्रेनों में यात्रियों का दबाव काफी अधिक रहा। जनरल कोच में जगह पाने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की तक की स्थिति बनी। कई यात्रियों को कोच में प्रवेश के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
स्लीपर कोच तक पहुंचे जनरल टिकट वाले यात्री
जनरल कोच में जगह नहीं मिलने के कारण कुछ यात्री स्लीपर कोच की ओर भी जाते दिखाई दिए। लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों में भीड़ का दबाव इतना अधिक रहा कि यात्रियों को गेट के आसपास खड़े होकर सफर करना पड़ा। इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी।
स्टेशन पर परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोगों को सामान और बच्चों के साथ भीड़ में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। त्योहार के कारण ट्रेनों में पहले से ही आरक्षण और टिकटों का दबाव था, ऐसे में सामान्य यात्रियों की संख्या बढ़ने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई।
स्पेशल ट्रेनों के बावजूद कम नहीं हुई भीड़
रक्षाबंधन पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया। इसके अलावा कई नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए, लेकिन त्योहार पर घर जाने वालों की संख्या इतनी अधिक रही कि प्रमुख ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम नहीं हो सका।
वरिष्ठ डीसीएम महेश यादव के मुताबिक यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई हैं। जरूरत के अनुसार विभिन्न रूटों की ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को अधिक से अधिक राहत मिल सके।
त्योहार पर परिवहन व्यवस्था की परीक्षा
रक्षाबंधन के मौके पर बरेली में बस और रेल दोनों सेवाओं पर यात्रियों का असाधारण दबाव देखने को मिला। निशुल्क बस यात्रा और त्योहार पर घर लौटने की वजह से महिलाओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रही। प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त व्यवस्थाएं किए जाने के बावजूद यात्रियों की भारी संख्या के कारण कई जगह अव्यवस्था जैसी स्थिति सामने आई। देर रात तक बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही जारी रही।