बरेली में कामधेनु गौशाला पर फिर गरजा बुलडोजर, भारी पुलिस फोर्स के बीच BDA का ध्वस्तीकरण अभियान शुरू

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बरेली में कामधेनु गौशाला पर फिर गरजा बुलडोजर, भारी पुलिस फोर्स के बीच BDA का ध्वस्तीकरण अभियान शुरू

मौलानगर में पार्क के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप; महामंडलेश्वर संजीव गौड़ के संरक्षण में संचालित बताई जाती है गौशाला, करीब 500 वर्गगज में हुए निर्माण को हटाने पहुंची प्राधिकरण की टीम; पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, विरोध के चलते बीच में रुका था अभियान

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बरेली। शहर के मौलानगर इलाके में स्थित कामधेनु गौशाला को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। गुरुवार सुबह बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और गौशाला परिसर में हुए निर्माण को ध्वस्त करने का अभियान दोबारा शुरू कर दिया। अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।

यह गौशाला प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौलानगर में स्थित है और महामंडलेश्वर संजीव गौड़ के संरक्षण में संचालित बताई जाती है। गौशाला को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण में शिकायत की थी कि सार्वजनिक पार्क के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कब्जा करके निर्माण कराया गया है। शिकायत के बाद बीडीए ने मामले की जांच कराई और निर्माण को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कार्रवाई शुरू की।

पार्क की जमीन पर निर्माण का आरोप, करीब 500 वर्गगज का मामला

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस जमीन पर कॉलोनी के लोगों के लिए सार्वजनिक पार्क विकसित होना चाहिए था, वहां निर्माण कराकर गौशाला संचालित की जा रही है। इससे बच्चों के खेलने और स्थानीय निवासियों के टहलने के लिए प्रस्तावित जगह प्रभावित हो रही है।

प्राधिकरण के मुताबिक, करीब 500 वर्गगज जमीन पर हुए निर्माण के खिलाफ न्यायालय और बीडीए के आदेशों के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इसी आधार पर गुरुवार सुबह टीम दोबारा मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर निर्माण हटाने का काम शुरू किया।

28 जुलाई को भी चला था बुलडोजर, विरोध के बीच थम गई थी कार्रवाई

कामधेनु गौशाला पर बीडीए की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की तैयारी की थी। 24 जुलाई को पुलिस और पीएसी की तैनाती के बावजूद बीडीए की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। इसके बाद 28 जुलाई को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया था।

उस दौरान कार्रवाई को लेकर विरोध भी हुआ था। मौके पर मौजूद लोगों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी थी। विरोध और परिस्थितियों के चलते अभियान आगे नहीं बढ़ सका था। अब एक बार फिर प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

भारी पुलिस बल के बीच कार्रवाई, इलाके में बढ़ी हलचल

गुरुवार सुबह बुलडोजर के साथ बीडीए की टीम के पहुंचते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी। किसी तरह का हंगामा या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है।

इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित जमीन के वास्तविक इस्तेमाल और उस पर हुए निर्माण की वैधता को लेकर है। यदि जमीन पार्क के लिए आरक्षित है तो उस पर किसी भी तरह का अनधिकृत निर्माण नियमों के दायरे में जांच का विषय है। वहीं, बीडीए की कार्रवाई न्यायालय और प्राधिकरण के आदेशों के अनुरूप बताई जा रही है।

फिलहाल गुरुवार को शुरू हुए ध्वस्तीकरण अभियान के बाद मौलानगर में कामधेनु गौशाला का मामला फिर चर्चा में आ गया है। कार्रवाई कितनी आगे बढ़ती है और परिसर के शेष निर्माण पर प्राधिकरण क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।