बरेली में 23 से 25 अक्टूबर तक सजेगा रोटरी क्लब बरेली साउथ का 40वां दशहरा मेला, रावण दहन के साथ दिव्यांगों की मदद बनेगा खास आकर्षण

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बरेली में 23 से 25 अक्टूबर तक सजेगा रोटरी क्लब बरेली साउथ का 40वां दशहरा मेला, रावण दहन के साथ दिव्यांगों की मदद बनेगा खास आकर्षण

बरेली क्लब मैदान में तीन दिन तक होगा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन, मेले की कमाई से जरूरतमंदों की मदद और दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरण की तैयारी

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बरेली। शहर में दशहरा उत्सव को खास बनाने के लिए रोटरी क्लब बरेली साउथ की ओर से 40वें दशहरा मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 23 से 25 अक्टूबर तक बरेली क्लब मैदान में सजेगा। तीन दिवसीय मेले में जहां रावण दहन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न प्रतियोगिताएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी, वहीं इस बार आयोजन के जरिए सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी जाएगी। मेले से होने वाली कमाई का उपयोग दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ समाज के ऐसे लोगों तक मदद पहुंचाना है, जिन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए सहयोग की जरूरत है।

रोटरी क्लब बरेली साउथ का यह 40वां दशहरा मेला शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सेवा की भावना को भी आगे बढ़ाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं। विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। वहीं, दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सामान्य जीवन में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मेले की कमाई से दिव्यांगों और जरूरतमंदों की मदद

इस बार दशहरा मेले की खास बात यह है कि आयोजन से होने वाली कमाई को सामाजिक सेवा के कार्यों में लगाया जाएगा। इसके तहत जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के साथ दिव्यांगजनों को उपयोगी उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी सार्थक होता है, जब खुशियों को समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ भी साझा किया जाए।

इसी सोच के तहत मेले में मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सेवा कार्यों को भी शामिल किया गया है। दिव्यांगजनों को सहायता उपलब्ध कराने की पहल से उन्हें दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इस तरह के आयोजन समाज के लोगों को जरूरतमंदों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और सहयोग के लिए आगे आने का संदेश भी देंगे।

24 अक्टूबर को दिव्यांगजनों को बांटी जाएंगी ट्राईसाइकिल

मेले के दूसरे दिन यानी 24 अक्टूबर को दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरित की जाएंगी। ट्राईसाइकिल मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा मिल सकेगी और वे अपनी दैनिक गतिविधियों को अधिक आसानी से पूरा कर सकेंगे। यह पहल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इसके साथ ही हाथ गंवा चुके लोगों के लिए मुफ्त एलएन-4 कृत्रिम हाथ लगाने का कैंप भी आयोजित किया जाएगा। इस कैंप के माध्यम से ऐसे लोगों को कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी, जिन्हें दुर्घटना या अन्य कारणों से अपना हाथ गंवाना पड़ा है। कृत्रिम हाथ की मदद से लाभार्थियों को रोजमर्रा के काम करने में सहूलियत मिल सकती है।

आयोजकों की इस पहल का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। ट्राईसाइकिल वितरण और कृत्रिम हाथ लगाने जैसे कार्यक्रमों के जरिए दिव्यांगजनों को अधिक स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने का अवसर देने का प्रयास किया जाएगा।

तीन दिन तक होंगी अलग-अलग प्रतियोगिताएं

मेले के दौरान हर दिन अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। बच्चों से लेकर युवाओं और दंपतियों तक को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिताओं को इस तरह तैयार किया गया है कि मेले में आने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आनंद मिल सके।

मेला डायरेक्टर अंकुर बंसल ने बताया कि 23, 24 और 25 अक्टूबर को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए शहर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा। हर दिन होने वाली प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी अपनी कला, हुनर और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर सकेंगे।

23 अक्टूबर: फैंसी ड्रेस और ‘डांस बरेली डांस’ सोलो प्रतियोगिता

मेले के पहले दिन 23 अक्टूबर को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें प्रतिभागियों को अलग-अलग वेशभूषा और रचनात्मक अंदाज में अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही ‘डांस बरेली डांस’ सोलो प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से अपने नृत्य कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

पहले दिन की प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों और युवाओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। नृत्य और वेशभूषा से जुड़ी गतिविधियां मेले में आने वाले दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

24 अक्टूबर: ‘वॉयस ऑफ बरेली’ और डांस ग्रुप प्रतियोगिता

मेले के दूसरे दिन 24 अक्टूबर को गायन प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘वॉयस ऑफ बरेली’ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही ‘डांस बरेली डांस’ ग्रुप प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें प्रतिभागी समूह के रूप में नृत्य प्रस्तुत करेंगे।

गायन और समूह नृत्य की प्रतियोगिताओं के माध्यम से शहर की उभरती प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। इस दिन दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरण और मुफ्त एलएन-4 कृत्रिम हाथ लगाने का कैंप भी आयोजित किया जाएगा। इस तरह मेले का दूसरा दिन सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक सेवा, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।

25 अक्टूबर: बेस्ट कपल और ‘मेला क्वीन’ प्रतियोगिता

मेले के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को बेस्ट कपल और ‘मेला क्वीन’ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं को लेकर भी लोगों में उत्साह रहने की उम्मीद है। प्रतिभागियों को अपनी प्रस्तुति और व्यक्तित्व के जरिए मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

तीन दिनों तक चलने वाले मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए उत्सव का माहौल बनाया जाएगा। वहीं, सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम इस आयोजन को विशेष पहचान देंगे।

मनोरंजन के साथ समाजसेवा का संदेश देगा मेला

रोटरी क्लब बरेली साउथ का 40वां दशहरा मेला इस बार मनोरंजन, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक जिम्मेदारी का संगम बनेगा। एक ओर रावण दहन और प्रतियोगिताएं दशहरा उत्सव की रौनक बढ़ाएंगी, तो दूसरी ओर दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरण और कृत्रिम हाथ लगाने की पहल जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सहयोग करेगी।

मेले की कमाई से जरूरतमंदों की सहायता करने का उद्देश्य आयोजन को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर समाजसेवा से जोड़ना है। आयोजकों की पहल से यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि खुशियां बांटने और जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने का अवसर देने से ही त्योहारों की सार्थकता बढ़ती है।

23 से 25 अक्टूबर तक बरेली क्लब मैदान में आयोजित होने वाला यह मेला शहरवासियों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के साथ सामाजिक सेवा के प्रयासों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।