यूपीआई पर अतिरिक्त शुल्क की आहट से व्यापारी नाराज, बोले- कारोबार पर पड़ेगा सीधा असर

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यूपीआई पर अतिरिक्त शुल्क की आहट से व्यापारी नाराज, बोले- कारोबार पर पड़ेगा सीधा असर

बरेली। डिजिटल भुगतान को लेकर प्रस्तावित ट्रांजैक्शन शुल्क के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी और व्यापारी मुखर हो गए हैं। व्यापारियों ने 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.04 प्रतिशत शुल्क वापस लेने की मांग उठाते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बरेली को सौंपा।

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व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा समय में यूपीआई भुगतान कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान तक बड़ी संख्या में ग्राहक डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ सकता है।

ज्ञापन में व्यापारियों ने तर्क दिया कि वे पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों और सरकारी शुल्कों का भुगतान कर रहे हैं। इसके बावजूद डिजिटल भुगतान पर नया आर्थिक भार डालना व्यापार जगत के लिए परेशानी बढ़ाने वाला कदम होगा। व्यापारियों ने आशंका जताई कि अतिरिक्त शुल्क से डिजिटल भुगतान की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और ग्राहक तथा कारोबारी दोनों नकद लेनदेन की ओर लौटने को मजबूर हो सकते हैं।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि यूपीआई ने भुगतान व्यवस्था को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे समय में इस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला व्यापारिक गतिविधियों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। उनका दावा है कि इसका असर बाजार की गति पर पड़ने के साथ कारोबार में मंदी की स्थिति को भी बढ़ावा दे सकता है।

व्यापारियों ने प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रस्तावित ट्रांजैक्शन शुल्क को वापस लेने के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उस पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के बजाय कारोबारियों को राहत दी जानी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष अकरम खान, प्रवेज आलम, कमल गुप्ता, मुदित प्रताप, जाकिर समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।